मामला अगमकुआं थाना क्षेत्र के आदर्श कॉलोनी का है जहां हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े बीच सड़क पर सूरज नामक एक युवक को गोली मार दी।
लगभग 25 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात अपराधकर्मी बंटी खान उर्फ दानिश उर्फ सरवर हसनैन को बिहार एस टी एफ ने दबोच लिया है। गिरफ्तारी के वक्त बंटी खान कंकड़बाग के एक रेस्टोरेंट में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मौज मस्ती बना रहा था।
बिहार पुलिस ने भी अब उत्तर प्रदेश पुलिस की राह पकड़ ली है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में जोगी की पुलिस अपराधियों को बैकुंठपुर पहुंचने में लगी रहती है उसी तरह आज बिहार के हाजीपुर में एक सिपाही के हत्यारो को वारदात के महज 3 घंटे के भीतर पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया।
ट्रैक की खराबी के कारण दिल्ली-कामाख्या नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के चहेते और अपनी अजीबो-गरीब कारनामे के लिए विख्यात जदयू के विधायक गोपाल मंडल ने आज राजधानी पटना में पत्रकारों के साथ बदसलूकी की।
पटना, जी हां, देव भाषा में कहें तो पटनम् यानी पूर्व का पाटलिपुत्र और भारत में बिहार राज्य की राजधानी। पटना का प्राचीन नाम पाटलिपुत्र था। अति आधुनिक दौर में अब यह पटना कहलाता है।
राजीव नगर थाना इलाके के रहने वाले राजीव कुमार से साइबर अपराधियों ने 65 हजार रुपए ठग लिए हैं। राजीव ने इसकी खिलाफ साइबर थाना में मामला दर्ज कराया है।
नगर निगम के लापरवाह और नक्कारे कर्मचारियों अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भुगतना पड़ा। इधर पटना के मनेर में गंगा नदी में बालू नदी एक नाव के पलट जाने से दर्जनों लोगों के डूबने की आशंका है। देर रात हुई इस घटना के बाद से कई लोग अभी भी लापता है।
ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (Global Kayastha Conference) कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के द्वारा सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्मदिवस संगीतमय प्रस्तुति देकर मनाया गया।
मिथिला में सदियों से सिक्की कला एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक फलती फूलती रही। लेकिन बेरोजगारी और गरीबी के कारण पिछले पचीस-तीस वर्षों से मिथिला के लोगों का भारत के बड़े-बड़े शहरों में पलायन होता आ रहा है जिसके कारण यहां सिक्की कला दम तोड़ने की स्थिति में आ गयी है।
जधानी पटना के गर्दनीबाग इलाके के रहने वाले 13 लोग पिछले दिनों सासाराम स्थित गुप्ता धाम दर्शन के लिए गए थे। दर्शन कर लौटने के बाद 13 में से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोगों का इलाज अभी भी चल रहा है।
मध्यम और निम्न वर्ग, जिनके पास मनोरंजन का कोई साधन नहीं था। इन लोगों के लिए लौंडा नाच बना, जिसमें पुरूष हीं औरत बन नाच के द्वारा इस वर्ग का मनोरंजन करना शुरू कर दिया।












