अयोध्या (Ayodhya) राम नगरी (Ram Nagri) के रूप में जाना जाता है, लेकिन अयोध्या की राम की पैड़ी खेत्र में स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर (Nageshwar Nat
Read Moreसूर्यदेव (Suryadev) के दो पुत्र हैं-यम और और शनि। इसके अलावा उन्हें दो पुत्रियां भी हैं, जिनमें से एक का विवाह श्री कृष्ण के साथ हुआ था। वह श्री कृष्ण
Read Moreशनि एक धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। पुराणों में यह कहा गया है कि शनिदेव (Shanidev) लंगड़ाकर चलते हैं, जिस कारण उनकी गति धीमी है। उन्हें एक राशि को पा
Read Moreआमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) व्रत आज 3 मार्च को है। होली (Holi) से पहले आमलकी एकादशी का विशेष महत्व है। क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) क
Read Moreभगवान विष्णु (Lord Vishnu) का एक नाम चक्रधर (Chakradhar) भी है। इनका यह नाम इसलिए है, क्योंकि इनकी उंगली में सुदर्शन नामक चक्र घूमता रहता है। इस चक्र
Read Moreवरदविनायक मंदिर (Varadvinayak Temple) भगवान गणेशजी (Lord Ganesha) के अष्टविनायको (Ashtavinayak) में से एक है। यह मंदिर भारत में महाराष्ट्र राज्य के रा
Read Moreसबसे पहले हनुमानजी (Hanuman ji) ने भगवान राम (Lord Rama) को समर्पित एक रामायण (Ramayan) चट्टान पर लिखी थी। उन्होंने लेखनी के लिए अपने नाखूनों का इस्ते
Read Moreहिन्दू धर्म में भगवान शिव (Lord Shiva) को त्रिदेवों (Tridev) में गिना जाता है। भगवान शिव को कोई रुद्र तो कोई भोलेनाथ (Bhonenath) के नाम से पुकारता है।
Read Moreइस मंदिर में सूर्य भगवान (Surya Bhagwan) की मूर्ति किसी धातु या पत्थर से निर्मित नहीं, बल्कि यह मूर्ति बड़ के पेड़ की लकड़ी से बनी है। लाल वर्ण, सात घ
Read Moreशनिवार का दिन शनिदेव (Shanidev) की पूजा के लिए खास माना जाता है। शनिदेव के अशुभ प्रभाव को कम करने व उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रकार क
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