
Noida International Airport News: सोमवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन की औपचारिक शुरुआत हो गई। इस अवसर पर लखनऊ से उड़ान भरकर आई इंडिगो की पहली फ्लाइट ने नए एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की।
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपनी पहली वाणिज्यिक सेवा शुरू की। एयरलाइन के बयान के मुताबिक, यह फ्लाइट 15 जून को सुबह 7:05 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुई और निर्धारित समय पर सुबह 8:05 बजे जेवर एयरपोर्ट पहुंची।
किसानों को ‘फ्लाइंग फार्मर्स’ को मिला सम्मान
इस ऐतिहासिक उड़ान के दौरान एक भावुक क्षण भी देखने को मिला। इंडिगो के क्रू सदस्यों ने विशेष घोषणा के जरिए उन किसानों को सम्मान दिया, जिन्होंने एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई थी। एयरलाइन ने उन्हें ‘फ्लाइंग फार्मर्स’ नाम देते हुए उनके योगदान को सराहा और कहा कि उनकी भागीदारी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लखनऊ में, आदित्यनाथ ने एक बैठक में किसानों का स्वागत किया, जिसमें एयरपोर्ट के कई अधिकारी भी शामिल हुए।
किसानों ने पहली फ्लाइट में हिस्सा लिया
इस मौके पर, जेवर इलाके के 170 किसानों और खेती से जुड़े कर्मचारियों (जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल थीं) ने एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट में यात्रा की। यह यात्रा इलाके के विकास के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताने के लिए की गई थी।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट से पहली रेगुलर कमर्शियल सर्विस बाद में बेंगलुरु के लिए शुरू होगी।
एयरपोर्ट को मार्च में लाइसेंस मिला
एयरपोर्ट को 6 मार्च 2026 को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से एयरोड्रोम लाइसेंस मिला।
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) इलाके में गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है।
अधिकारियों का मानना है कि यह सुविधा एविएशन, लॉजिस्टिक्स और रीजनल कनेक्टिविटी के लिए राज्य की स्थिति को और मजबूत करेगी।
चार चरणों में विस्तार की योजना
लगभग 1,334 हेक्टेयर में विकसित इस प्रोजेक्ट की योजना चार चरणों में बनाई गई है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता 2031 तक 30 मिलियन, 2036 तक 50 मिलियन और 2040 तक 70 मिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है।
PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि अंतिम विस्तार योजना में पांच रनवे और सालाना 225 मिलियन यात्रियों की क्षमता की परिकल्पना की गई है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बन जाएगा।
कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ने की उम्मीद
इस एयरपोर्ट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। इंडिगो की योजना है कि वह इस एयरपोर्ट को चरणों में लखनऊ, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, श्रीनगर और पंतनगर समेत 16 से ज़्यादा जगहों से जोड़े।
राज्य सरकार का अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 1,00,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी और आने वाले सालों में इंडस्ट्रियल, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, हॉस्पिटैलिटी और उससे जुड़े सेक्टर में भारी निवेश आएगा।
एक सस्टेनेबल और भविष्य के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तौर पर डिज़ाइन किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मकसद नेट-ज़ीरो एमिशन वाली सुविधा के तौर पर काम करना है, जिसमें एनर्जी-एफ़िशिएंट सिस्टम और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार तौर-तरीके अपनाए जाएंगे। इसका आर्किटेक्चरल डिज़ाइन भारतीय विरासत से प्रेरित है, जिसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों की झलक मिलती है, जिससे सांस्कृतिक सुंदरता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का मेल होता है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक रूप से स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर प्लान किया गया है, जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और रीजनल ट्रांज़िट सिस्टम के बीच बेहतर तालमेल होगा, ताकि यात्रियों और कार्गो के लिए अच्छी कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
