भारत की मेजबानी में इस साल गोवा में चौथी G20 एनर्जी ट्रांज़िशन वर्किंग ग्रुप (ETWG) की बैठक आयोजित की गयी। उम्मीद थी कि इस बैठक के नतीजे दुनिया को प्रदूषण मुक्त ऊर्जा व्यवस्था की ओर बढ्ने में मदद करेंगे।
ग्लोबल स्टील प्लांट ट्रैकर के डेटा के वार्षिक सर्वेक्षण में पाया गया है कि कोयला आधारित स्टील उत्पादन क्षमता में वृद्धि का लगभग पूरा काम (99 प्रतिशत) एशिया में ही हो रहा है और चीन तथा भारत की इन परियोजनाओं में कुल हिस्सेदारी 79 प्रतिशत है।
कुछ तो है गांधी में जो भाजपा के गले की हड्डी बना हुआ है। देश में भले ही भाजपा के नेता राष्ट्रपिता के हत्यारे का महिमामंडन कर लें, लेकिन विदेश में जाकर मोदी जी यह नहीं कह सकते कि मैं गोडसे के देश से आया हूं।
एक नए विश्लेषण के अनुसार, वायु प्रदूषण (Air Pollution) के खिलाफ भारत की लड़ाई केवल उसके शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी फैली हुई है।
यदि निर्वाचित सदस्यों को किसी भी कारण से मंत्री पद की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जा सकती है, तो कार्यकारी प्रमुखों के लिए उन्हें बिना पोर्टफोलियो के मंत्री के रूप में बनाए रखने का कोई नैतिक, कानूनी या संवैधानिक आधार नहीं हो सकता है।
पेरिस (Paris) में सम्पन्न हुई समिट फॉर न्यू ग्लोबल फाइनेंसिंग पैक्ट (Summit for New Global Financing Pact) को दुनिया की सबसे उन्नत अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े नियमित जलवायु सम्मेलन (CoP), जी7 और जी20 सम्मेलनों के अलावा एक और अंतरराष्ट्रीय बैठक के रूप में देखा जा सकता है।
स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) द्वारा शिकागो की विश्व धर्म महासभा में 11 सितंबर 1893 को दिए भाषण की याद कर हर हिंदू और हर भारतीय का सीना चौड़ा हो जाता है।
इन दिनों मणिपुर भारतीय राष्ट्रवाद की परीक्षा ले रहा है। भारत की यह मणि टूट रही है। भारत मां के 120 बच्चे उसकी गोद में हमेशा के लिए सो चुके हैं। कोई 45,000 बेघर हो चुके हैं। 2 महीने से ऊपर हो चुके, लेकिन खून के छींटे बंद नहीं हुए हैं।
बारिश की आमद गर्मी से राहत देने के लिए जानी जाती थी। मगर अब, यह राहत बन रही है आफत। भारत में चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि का पैमाना हर गुजरते साल के साथ नई ऊंचाई छू रहा है।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) मंत्रालय ने 'ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी)' कार्यान्वयन नियमों के मसौदे को सार्वजनिक करते हुए एक बेहतर और पर्यावरण हित में एक साहसिक कदम उठाया है।
इस साझेदारी में 13 और सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान और यूनाइटेड किंगडम जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य दुनिया भर में महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में निवेश को प्रोत्साहित करना है।
क्लाइमेट सेंट्रल के इस विश्लेषण की मानें तो 14-16 जून, 2023 के बीच पूरे उत्तर प्रदेश में चलने वाली तीन दिन रही मारक हीटवेव (Heat Wave) की संभावना जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण कम से कम दो गुना अधिक पाई गई।












