भारत की अध्यक्षता में G20 देशों की ऊर्जा, जलवायु एवं पर्यावरण से सम्बन्धित बैठकें पिछले महीने सम्पन्न हुईं।
जी20 देशों की फ़ोसिल फ़्यूल सब्सिडी (Fossil Fuel Subsidy) को रिन्यूबल एनर्जी (Renewable Energy) स्रोतों में निवेश की ओर पुनर्निर्देशित करने से न केवल जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खिलाफ लड़ाई में मदद मिल सकती है
हिमाचल प्रदेश में बारिश और उसके बाद हुए भूस्खलन में कम से कम 75 लोगों की जान जाने के बाद वहाँ की सरकार ने वहाँ राज्य स्तरीय आपदा घोषित कर दी। उत्तराखंड में भी हाल कुछ मिलता जुलता ही है।
मानसून बारिश और अल-नीनो नाम की समुद्री तरंग में वैसे तो गहरा नाता रहा है हमेशा, मगर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पिछली सदी के दौरान इन दोनों के रिश्तों के रंग बादल चुके हैं।
आई.आई.टी. दिल्ली के 3 शोधकर्ताओं की नवीनतम रिसर्च देश के नीति निर्माताओं को शराबबंदी (prohibition) के सवाल पर नए सिरे से सोचने को मजबूर कर सकती है।
मणिपुर तो सचमुच शर्मनाक घटना है लेकिन हिंसा, हत्या और रेप तो बाकी जगह भी होते हैं, सबके बारे में क्यों नहीं बोलते आप?
भारत ने वैश्विक पवन ऊर्जा निर्यात केंद्र (Global Wind Energy Export Center) बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
वैसे सरकार को लेखक से डरने का कोई कारण नहीं है। सब्यसाची दास अभी कोई प्रसिद्ध अर्थशास्त्री नहीं है। उनका अधिकांश लेखन जनकल्याणकारी योजनाओं के मूल्यांकन जैसे निरापद सवाल पर है।
मुस्लिम दंगाइयों द्वारा धार्मिक यात्रा में शामिल हिन्दू श्रद्धालुओं पर सुनियोजित हमला, दो समुदायों के संघर्ष के आगे पुलिस बेबस
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने की जितनी तात्कालिकता आज के दौर में महसूस होती है, उतनी पहले कभी नहीं रही और वक़्त के साथ इस विषय की प्रासंगिकता बढ़ती ही जाएगी।
एक के बाद एक वैज्ञानिक सबूत हमारे सामने आते जा रहे हैं जो साफ कर रहे हैं कि बीती जुलाई मानव इतिहास, या उससे पहले के कालखंड की भी सबसे अधिक गरम जुलाई थी।
जर्मनी की लाइपजिग यूनीवर्सिटी में हुए ताज़ा शोध की मानें तो इस साल, बीते लगभग सवा लाख साल बाद जुलाई का महीना सबसे गर्म रहेगा।












