दुनिया भर में प्राकृतिक आपदाओं (Natural Disasters) के बढ़ते हमले से निपटने के लिए, वर्ल्ड बैंक समूह ने देशों को तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में मदद करने के उद्देश्य से कई नए और विस्तारित उपायों की घोषणा की है।
वैश्विक मामलों के थिंकटैंक ओडीआई की एक ताजा रिसर्च में यह बात सामने आई है कि निम्न और मध्यम आमदनी वाले देशों में जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) के खनन से संबंधित कर्ज के कुचक्र से वैश्विक स्तर पर एनेर्जी ट्रांज़िशन को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
शिखर सम्मेलन के दौरान, SAIARD द्वारा ग्लोबल डेल्टा कैटलॉग का भी लॉन्च किया गया। यह कैटलॉग एक व्यापक सूची है जो दुनिया भर में 32 डेल्टाओं के बारे में जानकारी प्रदान करती है, जिसमें उनका भूगोल, भौतिक विज्ञान, कृषि पद्धतियां और जनसंख्या शामिल है।
अध्ययन उन प्रमुख लक्ष्यों को साफ़ तौर से बताता है जो 2030 तक ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लिए दुनिया को हासिल करने की ज़रुरत है।
इस साल के, अरब सागर में आए, पहले चक्रवात (cyclone) 'बिपरजॉय' (Biparjoy) ने फिलहाल काफी गंभीर सूरत धारण कर ली है। लेकिन इसी बीच राहत की बात ये है कि मानसून कुछ दिनों की देरी से कल केरल पहुंच गया। मगर हां, चक्रवात की वजह से मॉनसून की गति पर प्रभाव पड़ सकता है।
पृथ्वी पर पहली बार मानवता के लिए सुरक्षा और न्याय का ऐसा मूल्यांकन किया गया है। इन वैज्ञानिकों के अनुसार यह बेहद चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि अर्थ कमीशन नाम के इस समूह का निष्कर्ष है कि पृथ्वी के लिए अब तक कई सुरक्षित सीमाएं पहले ही पार हो चुकी हैं।
जी7, जी20 और यूएनएफसीसीसी सीओपी28 की अध्यक्षता इस साल क्रमशः जापान, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के रूप में एशियाई देशों के पास है। ये अंतरराष्ट्रीय आयोजन दरअसल जलवायु परिवर्तन (Climate Change), ऊर्जा संक्रमण और वित्त के बारे में एक परिप्रेक्ष्य प्रदान करते हैं।
फ्रांस गुरुवार से शुरू होने वाले इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन को आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण आर्थिक और जलवायु बैठकों की एक श्रृंखला से पहले विचारों को साझा करने के एक अवसर के रूप में देखता है।
पुराने हो चुके और फंसे हुए थर्मल पावर प्लांट्स के रणनीतिक अधिग्रहण और फिर रिवाइवल या पुनरुद्धार से राज्य के स्वामित्व वाली भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक, NTPC, बैंकों को अपनी बैलेंस शीट सुधारने में मदद कर सकती है।
वैश्विक स्तर पर 90% नेट ज़ीरो (Net Zero) ग्रीनहाउस गैस एमिशन (Greenhouse Gas Emissions) प्रतिज्ञाओं के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद भी अपेक्षित सफलता मिलना मुश्किल है। उनके मुताबिक जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए और अधिक मजबूत उपायों की तत्काल आवश्यकता है।
कर सकता है भारत की जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में मदद
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सबसे बड़ी करेंसी 2000 रुपये के नोट पर बड़ा फैसला लिया है। RBI के अनुसार, 2000 रुपये का नोट लीगल टेंडर तो रहेगा, लेकिन इसे सर्कुलेशन से बाहर कर दिया जाएगा।











