इंसान की गतिविधियों की वजह से पैदा हुए जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ने बांग्लादेश, भारत, लाओस और थाईलैंड में रिकॉर्ड तोड़ उमस भरी ताप लहर (Heatwave) की संभावनाओं को 30 गुना तक बढ़ा दिया है।
आईएमडी (IMD) का कहना है कि साइक्लोन ‘मोका’ में हवा की रफ्तार 175 किमी. प्रति घंटे को भी पार करने की संभावना है। इसके असर से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 13 मई को अधिकांश जगहों पर बारिश की संभावना है।
क्या आप किसी विषय को बीस से तीस सेकंड में समझने की कल्पना कर सकते हैं? अगर नहीं, तो आपको ऐसी कोई कल्पना करने की ज़रूरत नहीं। क्योंकि यह एक हक़ीक़त है। तो क्या है ये हक़ीक़त, इसे जानने के लिए यह लेख अंत तक पढ़िये
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ की चोटियों से लेकर समुद्र की गहराई तक, जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ने 2022 में अपनी प्रगति बरक़रार रखी।
भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग आज गोवा में आयोजित होने वाले जी-20 स्वास्थ्य कार्य समूह के कार्यक्रम में शामिल हो रहा है। इस आयोजन का मूल विषय वन हेल्थ एजेंडा की रणनीति और संचालन है।
जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) से स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की तरफ बढ़ते रुझान और नेटजीरो (Net Zero) लक्ष्यों के प्रति भारत...
पैरिस समझौते (Paris Agreement) के बाद से पवन और सौर ऊर्जा के कारण जी20 देशों में कोयले से बनने वाली बिजली की हिस्सेदारी में गिरावट आयी है।
इनमे से अधिकांश लोग जलवायु और ऊर्जा नीतियों के पक्ष में सतर्क, चिंतित ,और फिक्रमंद हैं
हर साल, मध्यप्रदेश के धार ज़िले में किसान समुदाय अक्षय तृतीया से ही खेती संबंधी तैयारी में जुट जाते हैं। यह किसान अक्षय तृतीया पर जमीनों के सौदे और खेतों को किराए पर देने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं को भी इसी समय तय कर लेते हैं।
वैश्विक स्तर पर शुद्ध ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के मामले में स्वास्थ्य क्षेत्र पांचवें स्थान पर है। ऐसे में देश की स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों को जलवायु परिवर्तन के दृष्टिगत संबोधित करने के महत्व पर चर्चा करने के लिए, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के साथ साझेदारी में एशियाई विकास बैंक ने आज गोवा में G20 के लिए स्वास्थ्य कार्य समूह में एक साइड इवेंट का आयोजन किया।
देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, और अन्य सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक प्रणालियों पर बोझ डालते हुए भारत में फिलहाल हीटवेव अपनी आवृत्ति, तीव्रता, और घातकता में बढ़ रही हैं।
गोवा ,राजस्थान ,गुजरात ,कर्नाटक, तमिलनाडु, और आंध्र प्रदेश ने लगायी वैश्विक औसत से ऊंची छलांग












