रूस-यूक्रेन संकट (Russia Ukraine war) ने विशेष रूप से रूस से आयातित हथियारों पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को उजागर कर दिया है, और भारत के सैन्य और रणनीतिक योजनाकारों के लिए एक तगड़ा झटका है, जो इस तरह के मुद्दों से जूझ रहे हैं कि युद्ध देश की सेना की तैयारी को कैसे प्रभावित कर सकता है।
