शेयर बाजार का एक अविस्मरणीय नाम हर्षद मेहता जिसे ‘बिग बुल’ की उपाधि से नवाजा गया। लेकिन कुछ समय बाद उसे शेयर बाजार में सबसे बड़े घोटालेबाज का नाम दिया गया। 1992 में शेयर मार्किट में प्रवेश करने वाले हर नए निवेशक और युवाओं का वो प्रेरणास्त्रोत बन गया था। जिसका अंत बहुत ही दुःखद हुआ।
