यूज़र नमन जैन उन कई लोगों में से एक हैं जो स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक हालात से बचने के लिए दिल्ली छोड़ चुके हैं। उन्होंने हवाई अड्डे के गेट पर खड़े एक विमान की तस्वीर पोस्ट की, जिसका शीर्षक था, "अलविदा दिल्ली।"
नवीनतम ग्लोबल बर्डन ऑफ़ डिजीज (GBD) डेटा के विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली के निवासियों के लिए वायु प्रदूषण अभी भी सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा बना हुआ है, जो 2023 में होने वाली सभी मौतों में से लगभग 15% के लिए ज़िम्मेदार है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 488 दर्ज किया, जिससे शहर खतरनाक 'गंभीर प्लस' श्रेणी में आ गया।
राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता खराब हो रही स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-4 के तहत सख्त प्रदूषण-रोधी उपायों के क्रियान्वयन में देरी के लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है।
दिवाली से पहले दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ स्थिति में पहुंच गई है और जल्द इसमें सुधार की कोई संभावना नहीं है।
सोमवार सुबह 8 बजे दिल्ली का AQI 391 तक पहुंच गया था, फिर भी इस एक्शन के लिए जिम्मेदार संस्था, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने अभी तक ऐसा कोई उपाय घोषित नहीं किया है।
बढ़ते प्रदूषण के चलते दिल्ली के पर्यावरण मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गोपाल राय ने घोषणा की कि दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से ही काम करेंगे।
मौसम विज्ञान संस्थान ने अपने दैनिक बुलेटिन में पूर्वानुमान लगाया है कि अगले छह दिनों तक वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ या ‘गंभीर+’ श्रेणी में रहेगी।
14 नवंबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। दिल्ली में आज AQI का स्तर गिरकर 400 के पार हो गया है। लोगों को सांस लेने में हो रही दिक्कत हो रही है और आंखों में जलन की शिकायतें सामने आ रही हैं।
दिल्ली का प्रदूषण स्तर पहुंचा खराब श्रेणी में, दिवाली और छठ पूजा से पहले यमुना नदी में लगा झाग का पहाड़








