कैलाश गहलोत ने कहा, 'बेड़े का आकार बढ़ाते समय, ईवी प्रेरण के लिए विशिष्ट लक्ष्य होते हैं। अब हम दिल्ली में कुल वाहनों का 10% ईवी पर हैं'
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने निवेशकों को तमाम तरह...
सस्टेनेबल मोबिलिटी नेटवर्क (sustainable mobility network) और सीएमएसआर कंसल्टेंट्स (CMSR Consultants) के एक ताजा सर्वे से जाहिर हुआ है कि उपभोक्ता वायु प्रदूषण (Air Pollution) और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने के लिए ई-कॉमर्स तथा डिलीवरी कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाते हुए देखना चाहते हैं।
चार्जिंग ढांचे को तेजी से विस्तार देना, वित्तीय समाधान पेश करना, अधिदेश (मैन्डेट) पेश करना और सम्बन्धित राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा के अनुरूप सरकारी नीतियां बनाना ई-मोबिलिटी में तेजी लाने के लिये बेहद महत्वपूर्ण
देश के वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक गाडि़यों (electric vehicles) की पैठ लगातार बढ़ रही है। ऐसे में क्लाइमेट थिंकटैंक (Climate Thinktank) ‘क्लाइमेट ट्रेंड्स’ ने ‘क्लाइमेट डॉट’ के साथ मिलकर आज ‘ईवी डैशबोर्ड’ (EV Dashboard) जारी किया।
भारत द्वारा अक्षय ऊर्जा (renewable energy) और इलेक्ट्रिक वाहनों (electric vehicles) पर दी जाने वाली सब्सिडी वित्तीय वर्ष 2022 में दोगुनी से भी ज्यादा हो गयी है। मगर सरकार के सामने आने वाले वर्षों में देश के जलवायु सम्बन्धी लक्ष्यों को हासिल करने के लिये इस रफ्तार को बनाये रखने की चुनौती होगी।
एक सवाल का जवाब देते हुए एथर एनर्जी के सीईओ ने कहा कि ओला इलेक्ट्रिक, ओकिनावा, प्योरईवी और यहां तक कि एथर के एकमात्र मामले जैसे विभिन्न निर्माताओं के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की आग की घटनाएं भारत में ईवीएस के विकास को कैसे प्रभावित करेंगी।
भारत चाहता है कि 2030 तक देश में कुल यात्री कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक मॉडल का 30% हिस्सा हो, जो आज लगभग 1% है, और ई-स्कूटर और ई-बाइक कुल 2% दोपहिया वाहनों की बिक्री का लगभग 80% हिस्सा हैं।

