भारत में संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले 10-15 फीसदी दम्पती निःसंतानता से प्रभावित हैं, इसके कारण परिवारों में बिखराव बढ़ रहा है जबकि इसका उपचार आईवीएफ (IVF) के रूप में उपलब्ध है लेकिन जागरूकता के अभाव में मात्र एक प्रतिशत दम्पती ही इस इलाज को अपना पते हैं ।
