भगवान भोले शंकर की आराधना करते हुए उन्होंने शिव जी का नचारी काले के शिव के मनाई हो शिव मानत नाहीं, भोला के देखेला बेकल भइले जियरा, खोली ना ही मातल हो नयनवा शिव शंकर दानी ,शिव शंकर चले कैलाश बुंदिया पड़ने लगी, डिम डिम डमरु बजावे ला हमार जोगिया जैसे गीत गाए।

