सूत्रों का कहना है कि डी.वाई. चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के स्थापना दिवस मनाने की परंपरा इसलिए शुरू की है, ताकि इसका भी अपना एक उत्सव हो। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में कोई जश्न नहीं मनाया जाता है। यहां केवल संविधान दिवस मनाया जाता था, जो कि संविधान को समर्पित था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का स्थापना दिवस मनाकर आम लोगों तक इस बात की जानकारी देना चाहते हैं कि आखिर सुप्रीम कोर्ट काम कैसे करता है और विदेशों में हो रही कार्रवाई से यहां की कार्रवाई कैसे अलग होती है।

