भारी सुरक्षा के बीच जुलूस निकालने के दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के लगभग 1,000 प्रदर्शनकारियों ने भगवा झंडे लिए और न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए। मंगलवार को जिस इलाके में भीषण हत्या हुई थी, उस इलाके के पास प्रदर्शनकारियों के चले जाने से तनाव चरम पर था। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को तितर-बितर किया।
कन्हैया लाल (Kanhaiya Lal) ने 15 जून को उदयपुर (Udaipur) पुलिस में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और इसके बजाय दोनों पक्षों के बीच एक समझौता करवाने की कोशिश की। जिसका खामियाजा कन्हैया लाल को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
