लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) को सूचित किया गया कि समझौते में निर्धारित समय सीमा में पाकिस्तान-ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना (Pakistan Iran gas pipeline project) को पूरा नहीं करने के लिए पाकिस्तान को 18 अरब डॉलर का जुर्माना लगाने का जोखिम है।
