हरियाणा (Haryana) के मानेसर (Manesar) में एक स्थानीय पंचायत ने कम से कम 500 रोहिंग्या परिवारों (Rohingya Families) को अपना सामान छोड़कर रात भर अपनी कॉलोनी खाली करने के लिए मजबूर किया। खुफिया सूत्रों ने इसे "सामुदायिक पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण" करार दिया।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक निगम के अधिकारियों को ओखला और शाहीन बाग समेत छह से अधिक इलाकों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के सड़कों पर अतिक्रमण करने की सूचना मिली है। इसके अलावा कबाड़ बनाने की आड़ में असामाजिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
