Airport Security Lapse: बिना इमिग्रेशन जांच 3 इटालियन यात्री पहुंचे म्यूनिख, MHA ने बुलाई अर्जेंट मीटिंग

Airport Security Lapse: दिल्ली एयरपोर्ट पर कथित तौर पर बिना जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए तीन इटैलियन यात्रियों के जर्मनी के म्यूनिख पहुंचने के मामले ने सुरक्षा और पैसेंजर हैंडलिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार शाम वरिष्ठ अधिकारियों की अर्जेंट बैठक बुलाई है। यह घटना 4 सितंबर की बताई जा रही है।

अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे यात्री
रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों यात्री 4 सितंबर को एयर इंडिया की AI 1115 फ्लाइट से अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे। फ्लाइट रात करीब 12:50 बजे दिल्ली पहुंची, जिसके बाद यात्रियों को करीब 1:45 बजे लुफ्थांसा की फ्लाइट से म्यूनिख रवाना होना था।

बताया जा रहा है कि यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर अनिवार्य इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं की और इसके बावजूद इंटरनेशनल फ्लाइट में सवार हो गए।

MHA की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन करेंगे। इसमें गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के कमिश्नर, एयर इंडिया ग्रुप के प्रमुख और दिल्ली एयरपोर्ट के CEO के शामिल होने की जानकारी है।

बैठक में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि यात्रियों ने जरूरी इमिग्रेशन जांच के बिना अंतरराष्ट्रीय उड़ान कैसे पकड़ ली और इस प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई।

एयर इंडिया को जारी हुआ शो-कॉज नोटिस
मामले में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। मंत्रालय ने एयरलाइन से इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण मांगा है। रिपोर्टों के अनुसार, नोटिस 12 सितंबर को जारी किया गया था।

अमृतसर एयरपोर्ट पर हुई चूक?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चूक अमृतसर एयरपोर्ट से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। तीनों यात्रियों को अमृतसर में दिल्ली और म्यूनिख, दोनों सेक्टर के बोर्डिंग पास जारी किए गए थे।

नियमों के अनुसार उन्हें दिल्ली पहुंचने के बाद इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी थी। हालांकि, उन्हें कथित तौर पर ‘इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल’ यानी I-to-I ट्रांसफर की प्रक्रिया में भेज दिया गया। इसके चलते वे अनिवार्य इमिग्रेशन जांच के बिना ही म्यूनिख की फ्लाइट तक पहुंच गए।

क्या है ‘हब-एंड-स्पोक मॉडल’?
अमृतसर उन एयरपोर्ट्स में शामिल है जहां ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत यात्रियों के इंटरनेशनल कनेक्शन को आसान बनाने की व्यवस्था की जा रही है। इस व्यवस्था में यात्री शुरुआती एयरपोर्ट पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किसी बड़े हब एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ सकते हैं।

हालांकि, इस मामले में यात्रियों का अमृतसर से दिल्ली और फिर दिल्ली से म्यूनिख का सफर इस व्यवस्था के तहत अपेक्षित प्रक्रिया से मेल नहीं खाता था। इसलिए दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करना जरूरी था।

अब MHA की बैठक में इस पूरे मामले की जांच के साथ-साथ पैसेंजर हैंडलिंग, एयरलाइन और एयरपोर्ट स्टाफ की जिम्मेदारी तथा हब-एंड-स्पोक व्यवस्था में निगरानी को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)