वैसे सरकार को लेखक से डरने का कोई कारण नहीं है। सब्यसाची दास अभी कोई प्रसिद्ध अर्थशास्त्री नहीं है। उनका अधिकांश लेखन जनकल्याणकारी योजनाओं के मूल्यांकन जैसे निरापद सवाल पर है।
JoinedJuly 18, 2023
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आई.आई.टी. दिल्ली के 3 शोधकर्ताओं की नवीनतम रिसर्च देश के नीति निर्माताओं को शराबबंदी (prohibition) के सवाल पर नए सिरे से सोचने को मजबूर कर सकती है।
स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) द्वारा शिकागो की विश्व धर्म महासभा में 11 सितंबर 1893 को दिए भाषण की याद कर हर हिंदू और हर भारतीय का सीना चौड़ा हो जाता है।
कुछ तो है गांधी में जो भाजपा के गले की हड्डी बना हुआ है। देश में भले ही भाजपा के नेता राष्ट्रपिता के हत्यारे का महिमामंडन कर लें, लेकिन विदेश में जाकर मोदी जी यह नहीं कह सकते कि मैं गोडसे के देश से आया हूं।
मुस्लिम दंगाइयों द्वारा धार्मिक यात्रा में शामिल हिन्दू श्रद्धालुओं पर सुनियोजित हमला, दो समुदायों के संघर्ष के आगे पुलिस बेबस
मणिपुर तो सचमुच शर्मनाक घटना है लेकिन हिंसा, हत्या और रेप तो बाकी जगह भी होते हैं, सबके बारे में क्यों नहीं बोलते आप?
इन दिनों मणिपुर भारतीय राष्ट्रवाद की परीक्षा ले रहा है। भारत की यह मणि टूट रही है। भारत मां के 120 बच्चे उसकी गोद में हमेशा के लिए सो चुके हैं। कोई 45,000 बेघर हो चुके हैं। 2 महीने से ऊपर हो चुके, लेकिन खून के छींटे बंद नहीं हुए हैं।






