पटनाः मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार, 29 जनवरी को पटना में मौसम का सबसे सर्द दिन रहा, यहां न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आगे आने वाले दिनों में राहत के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे। बिहार में अलग-अलग स्थानों पर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार ‘शीत लहर की स्थिति’ के रूप में सर्द मौसम की स्थिति बने रहने की संभावना है।
बता दें कि बिहार के अधिकतर भाग भारी ठंड की चपेट में हैं। पिछले 24 घंटों में राज्य के दक्षिणी भाग में हुई बारिश ने ठंड को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में इसमें कमी होने के कोई आसार नहीं हैं। भयकर ठंड देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को संभलकर रहने की सलाह दी है।
बहरहाल, पिछले 48 घंटों से पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और दूसरे इलाकों में शीत लहर की स्थिति बनी हुई है। सुपौल में भीषण ठंड के कारण लोग बेहाल रहे। कोहरे और ठंड की वजह से यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त रही। पटना में हवाई सेवाएं बेहाल रहीं और दो दर्जन विमान विलंब से उड़ान भर सके। दोपहर 11 बजे तक दृश्यता भी काफी कम रही। मौसम विभाग की ओर से 31 जनवरी तक पूरे राज्यभर में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार पटना में शुक्रवार को इस साल का सबसे ठंडा दिन रहा। पटना का अधिकतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले इस साल सबसे कम पारा 16.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। सुबह में आर्द्रता 100 प्रतिशत तक रही। यहां अधिकतम पारा सामान्य से आठ डिग्री तक नीचे पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह बढ़ने से राज्य के दक्षिणी भाग में बादल तेजी से बने हैं। इस वजह से गरज तड़क वाले बादल बने और तेज हवा के साथ रजौली, शेरघाटी, औरंगाबाद और गढ़ी में बारिश हुई। रजौली और शेरघाटी में 4 मिमी जबकि औरंगाबाद में 2.2 और गढ़ी मे 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटों में उत्तर पश्चिम दिशा से ठंडी हवाओं का प्रवाह बढ़ने के आसार हैं। इससे न्यूनतम तापमान और गिर सकता है और अधिकतम तापमान में भी गिरावट बनी रहेगी।

