
Lucknow Fire Tragedy: नीलेश कुमार के जीवन में यह समय नई उम्मीदों और उपलब्धियों से भरा हुआ था—प्रमोशन, वेतन में बढ़ोतरी और अपनी पसंद की जीवनसंगिनी के साथ शादी की तैयारियाँ सब कुछ एक साथ आगे बढ़ रहा था। वहीं अनामिका सामंत भी अपने जीवन के नए अध्याय की दहलीज पर थीं; हाल ही में उनके माता-पिता पश्चिम बंगाल से उनके होने वाले ससुराल वालों से मुलाकात कर लौटे थे और परिवार में शादी की तैयारियाँ जोरों पर थीं।
लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। लखनऊ की एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने इस सपने जैसे सफर को दर्दनाक अंत में बदल दिया, जहाँ शादी की खुशियाँ अचानक गहरे शोक में तब्दील हो गईं।
लखनऊ में आग की घटना
सोमवार को लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई, जिसमें नए नवेले जोड़े के साथ कम से कम 13 अन्य लोगों की जान चली गई।
आग तीन मंज़िला इमारत में लगी, जिसमें एक एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर था जहाँ नीलेश और अनामिका काम करते थे। शिकार हुए कई लोग, जिनमें ज़्यादातर छात्र थे, दूसरी मंज़िल पर फँस गए थे क्योंकि उस समय क्लास चल रही थी। नौ अन्य लोग घायल हो गए।
अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंज़िला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। कई पीड़ित सेंटर में क्लास के दौरान दूसरी मंज़िल पर फँस गए थे।
27 साल के नीलेश कुमार और 30 साल की अनामिका सामंत की मुलाक़ात उसी सेंटर में काम करने के दौरान हुई थी जहाँ वे दोनों नौकरी करते थे। काम की जगह पर शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों परिवारों ने भी इस रिश्ते को मंज़ूरी दे दी थी।
पिछले ही हफ़्ते, अनामिका के माता-पिता शादी की तैयारियों के सिलसिले में नीलेश और उनके परिवार से मिलने पश्चिम बंगाल से लखनऊ आए थे।
नीलेश के भाई अभिषेक ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर कहा, “हमारे घर पर एक छोटा सा कार्यक्रम हुआ था। हम सब अनामिका से मिले थे। वह बहुत खुशमिजाज़ लड़की थी।”
दोनों परिवारों ने आगे की योजना बनानी शुरू कर दी थी। नीलेश के रिश्तेदारों ने अगले हफ़्ते पश्चिम बंगाल में अनामिका के परिवार से मिलने के लिए ट्रेन के टिकट बुक कर लिए थे।
अभिषेक ने कहा, “ट्रेन के टिकट बुक हो चुके थे और यात्रा की तैयारी चल रही थी।”
नीलेश के परिवार के लिए यह नुकसान इसलिए भी बहुत दर्दनाक है क्योंकि उन्होंने शादी के बाद की ज़िंदगी के लिए सालों तक बहुत सोच-समझकर योजना बनाई थी।
तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर रहे नीलेश को रिश्तेदार एक मेहनती और समर्पित पेशेवर के तौर पर जानते थे, जिनकी ज़िंदगी उनके काम के इर्द-गिर्द ही घूमती थी। परिवार वालों ने बताया कि उन्हें इस साल प्रमोशन और सैलरी में बढ़ोतरी की उम्मीद थी और वे शादी करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति मज़बूत करना चाहते थे।
वे सभी योजनाएँ अब अधूरी रह गई हैं। शादी की खुशियों की तैयारी के बजाय, परिवार अब अपने प्रियजन के शव को लेने के लिए पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर इंतज़ार कर रहा है।
यह हादसा अनामिका के परिवार के लिए और भी अधिक दुखद साबित हुआ, क्योंकि आग में जान गंवाने वालों में उसकी 27 वर्षीय कज़िन सोमिल्या भी शामिल थी, जो उसी एनिमेशन सेंटर में कार्यरत थीं।
कुछ ही घंटे पहले तक दोनों परिवारों के बीच यात्रा की योजनाओं, शादी की तारीखों और उस युवा जोड़े के नए जीवन की शुरुआत को लेकर बातचीत चल रही थी। लेकिन शाम होते-होते वही माहौल घबराहट भरे फोन कॉल्स, अस्पतालों की दौड़ और अपनों की पहचान की दर्दनाक प्रक्रिया में बदल गया।
शादी के बंधन में बंधने की तैयारी कर रहे दो परिवारों के लिए यह सफर, खुशियों की जगह एक ऐसे अपूरणीय नुकसान पर आकर खत्म हो गया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
