
राम जन्मभूमि ट्रस्ट में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ने के बाद महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को ट्रस्टी अनिल मिश्रा के साथ इस्तीफ़ा दे दिया। दोनों ने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की बात कही।
बताया जा रहा है कि दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंपा है। ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा के हवाले से कहा गया है कि दोनों ने नैतिक आधार पर यह निर्णय लिया है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से इस घटनाक्रम पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
SIT जांच के बीच एफआईआर दर्ज
SIT की जांच के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर रामजन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई है। प्राथमिकी में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच जारी है। एफआईआर में मंदिर व्यवस्था और नकदी प्रबंधन से जुड़े कई कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसियां आरोपितों की भूमिका, नकदी के प्रवाह और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही हैं।
जांच का दायरा बढ़ा, कई पहलुओं की पड़ताल
एसआईटी कथित वित्तीय अनियमितताओं के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसी बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ अहम सिफारिशें की गई थीं, जिसके बाद जांच को और तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।
FIR में 8 नामजद आरोपित, भूमिका की जांच जारी
एफआईआर में जिन आठ लोगों को नामजद किया गया है, उनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी की भूमिकाएं अलग-अलग स्तरों पर जांच के दायरे में हैं। आरोप है कि कुछ लोग नकदी की गिनती, निगरानी और संबंधित व्यवस्थाओं से जुड़े थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका रही।
