प्रदूषण को एक सीजन की तरह या एक सीज़न से जोड़ कर देखा जाने लगा है। इस पूरे घटनाक्रम का यह एक चिंताजनक पहलू है।
नवंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक की अवधि पृथ्वी की सबसे गर्म 12 महीने की मियाद रही
जहां एक ओर देश के चार महानगरों में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष पीएम 2.5 की मात्रा में इजाफा हुआ है, वहीं देश के सबसे बड़े राज्य, उत्तर प्रदेश, की राजधानी लखनऊ में पीएम 2.5 की मात्रा में कमी देखी गयी।
ऐसा पहली बार है जब COP में स्वास्थ्य को एक पूरा दिन दिया गया है। इसके दृष्टिगत यह महत्वपूर्ण पत्र COP28 से पहले होने वाले कई स्वास्थ्य-केंद्रित हस्तक्षेपों में एक है। इस साल 3 दिसंबर का दिन स्वास्थ्य संबंधी चर्चाओं को समर्पित है।
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (Green Hydrogen Mission) को रफ्तार देते हुए हाल ही में भारत सरकार ने 400 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आर एण्ड डी (अनुसंधान एवं विकास) रोडमैप पेश किया है।
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, दुनिया भर में रिन्यूबल एनर्जी (renewable energy) को प्राथमिकता देने के मामले में एशिया सबसे तेज़ खिलाड़ी के तौर पर उभर रहा है।
151 राष्ट्रीय सरकारों ने नेट जीरो उत्सर्जन (net zero emissions) का लक्ष्य हासिल करने का वादा किया है और ताज़ातरीन पूर्वानुमानों से पता चलता है कि नई नीतियों के बगैर भी वैश्विक कोयला, तेल और गैस की मांग इस दशक में चरम पर होगी।
वीजीएफ का मुख्य उद्देश्य कुल परियोजना लागत और डेवलपर्स टैरिफ के माध्यम से कितनी रकम वसूल कर सकते हैं, के बीच वित्तीय अंतर को पाटना है. वीजीएफ समर्थन बढ़ाकर, आईएसए का उद्देश्य विशेष रूप से अफ्रीका में क्लीन एनर्जी की पहल में अधिक निवेश को प्रोत्साहित करना है, साथ ही सोलर ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी आकर्षित करना है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2023 के एक जिला स्तर पर किए गए एक व्यापक विश्लेषण में भारत के वार्षिक मानसून मौसम पैटर्न में देश भर में वर्षा पैटर्न में चरम विषमता सामने आयी है।
इन विषयों पर जानकारी को सटीक और जिम्मेदारी से प्रसारित करने में मीडिया कर्मियों की ख़ास जिम्मेदारी है और इस वजह से इसलिए सस्टेनेबिलिटी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों की पत्रकारों में बेहतर समझ होना भी काफ़ी ज़रूरी है।











