इस योजना की घोषणा करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि जिनेवा स्थित विश्व मौसम विज्ञान संगठन के सहयोग से इस परियोजना का क्रियान्वयन होगा और इसका उद्देश्य होगा समृद्ध देशों द्वारा प्रयोग की जा रही ऐसी प्रणालियों को विकासशील देशों के लिए उपलब्ध कराना।
अध्ययन से पता चला है कि 2019 में 83 माइक्रोग्राम / क्यूबिक मीटर (मिलीग्राम / घन मीटर) की औसत वार्षिक जनसंख्या-भारित पीएम 2.5 के साथ, भारत में पीएम 2.5 को 9,79,700 मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और प्रदूषण (Pollution) के गंभीर परिणामों का सामना कर रही है, मगर भारत में...
जब हम जलवायु परिवर्तन और उसकी वजह से होने वाले जोखिम की बात करते हैं तो यह बात सामने आती है कि फाइनेंस को अधिक महत्वपूर्ण पहलू के तौर पर सामने रखा जाए।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को लेकर हमारी वल्नरेबिलिटी और उसे ले कर हमारी एडाप्टेशन की क्षमताओं पर केन्द्रित संयुक्त राष्ट्र...
आज से ठीक तीन साल पहले देश के 132 शहरों में पार्टिकुलेट मैटर के स्तर को 20-30% तक कम करने...
