केंद्र सरकार ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालकृष्णन की देखरेख में इस आयोग का गठन दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के अध्ययन के लिए किया गया है। सेवानिवृत्त आईएएस रविंदर कुमार जैन और यूजीसी सदस्य प्रोफेसर सुषमा यादव भी इस आयोग का हिस्सा होंगे।
