पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप, भारत 2070 तक नेट ज़ीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्बन एमिशन की तीव्रता को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर लगातार काम कर रहा है।
आईपीसीसी की ताजा रिपोर्ट इस बात की गवाही देती है कि दुनिया प्रदूषण उत्सर्जन न्यूनीकरण के लक्ष्यों को हासिल कर पाने की राह पर नहीं है। इस मार्ग पर आगे बढ़ने के लिये जरूरी है कि प्रयासों को दोगुना किया जाए और नुकसान को जहां तक हो सके, कम किया जाए।
उत्सर्जन में कटौती के बिना, ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करना पहुंच से बाहर है। इस काम के लिए ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की आवश्यकता है और जीवाश्म ईंधन के उपयोग में भारी कमी लानी होगी ।
Climate Change: इस साल के अंत तक भारत ने अपने लिए 100 गीगावाट की सौर क्षमता एसटीहपीत करने का लक्ष्य...
यक़ीन नहीं होता लेकिन साल 2022 का मार्च पिछले 120 सालों में सबसे गर्म मार्च का महीना रहा। इतना ही...
आखिर क्यों लग रही है जंगलों में आग (Forest Fire)। क्या उत्तर पश्चिमी भारत में चल रही हीटवेव (Heatwave) है इसकी वजह या क्लाइमेटचेंज (Climate Change) है इसके लिए ज़िम्मेदार?
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