शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु के सोने के बाद पूरे चार महीने शादी, विवाह, मुंडन, जनेऊ जैसे सभी 16 संस्कार कार्य पर रोक लग जाती है। भगवान विष्णु के देवोत्थान एकादशी पर जागने के बाद फिर से सभी कार्य शुरू हो जाते हैं।
हिंदू धर्म में जगत के पालनहार माने जाने वाले भगवान विष्णु की पूजा के लिए एकादशी तिथि को सबसे उत्तम माना गया है। साल भर में पड़ने वाली तमाम एकादशी में देवशयनी और देवउठनी एकादशी तिथि का बहुत महत्व है।

