चीन में 25 अप्रैल 1999 का शांतिपूर्ण विरोध एक मील का पत्थर कहा जा सकता है, जिसकी मार्टिन लूथर किंग और महात्मा गांधी ने भी सराहना की होती।
मुंबई में सत्य, करुणा, सहनशीलता कला प्रदर्शनी का आशा और साहस का संदेश
इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच क्रिस ने तक उत्तर-पूर्व के राज्य त्रिपुरा में 17 स्थानों पर फालुन दाफा की 40 से अधिक कक्षाओं का आयोजन किया। इसमें 15 स्कूलों के अलावा एक विश्वविद्यालय और एक मंदिर शामिल थे। दस स्थान राजधानी अगरतला के बाहर थे। इस दूरस्थ क्षेत्र के लोगों ने फालुन दाफा के बारे में या चीन में इसके अभ्यासियों पर हो रहे दमन के बारे में कभी नहीं सुना था।
फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है) मन और शरीर का उच्च स्तरीय ध्यान अभ्यास है। बैंगलोर के फालुन दाफा अभ्यासियों ने लालबाग बोटैनिकल गार्डन में 5 से 15 अगस्त, 2023 तक आयोजित फ्लावर शो में भाग लिया।
फालुन गोंग (जिसे फालुन दाफा भी कहा जाता है) मन और शरीर का साधना अभ्यास है, जिसकी शुरुआत 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा चीन की गयी।
कम्युनिस्ट शासन के झूठे वादों के 2 महीने बाद, 20 जुलाई 1999 को चीनी शासक जियांग जेमिन ने फालुन गोंग अभ्यासियों पर अब तक का सबसे क्रूर दमन शुरू कर दिया जो आज तक जारी है। फालुन गोंग का अभ्यास करने के आरोप में अब तक लाखों चीनी लोगों का अपहरण कर जेलों में डाल दिया गया, यातनाएं दी गईं, स्कूलों, नौकरियों से निकाल दिया गया, या बेघर कर दिया गया। चीन में 80,000 यातनाओं के मामले सामने आये हैं। हजारों की हत्या कर दी गयी।





