भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा करने का सबसे उत्तम महीना होता है सावन (Sawan) लेकिन क्या जानते हैं कि सावन के महीने का इतना महत्व क्यों है और भगवान शिव को यह महीना क्यों प्रिय है? आइए जानते हैं इसके पीछे की मान्यताओं के बारे में।
भगवान शिव (Lord Shiva) के मस्तक पर गंगा के विराजमान होने की घटना का संबंध राजा भगीरथ से माना जाता है। कथा है कि भगीरथ ने अपने पूर्वज सगर के पुत्रों को मुक्ति दिलाने के लिए गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर उतारा था। लेकिन इस कथा के पीछे कई कथाएं हैं जिनसे भगीरथ का प्रयास सफल हुआ।
भगवान शिव (Lord Shiva) नटराज के रूप में संगीत कला के सर्जक व संरक्षक माने जाते हैं। डमरु (Damru) उनका विशेष वाद्ययंत्र है। 'डमरु' शब्द सुनते ही जो पहली तस्वीर आंखों के सामने आती है, वह है डमरु बजा कर नृत्य करते हुए भगवान शिव की।
बहुत कम लोग भगवान शिव भगवान शिव (Lord Shiva) के एक ऐसे अवतार के बारे में जानते होंगे जिन्होंने शनिदेव (Shanidev) पर प्रहार किया था। उसकी के कारण शनिदेव की गति मंद हो गई।
हर किसी को मालूम है कि गणेश जी (Ganesh ji) को मोदक और मिठाई कितनी पसंद है। शायद इसलिए वो किसी के भी निमंत्रण को स्वीकार कर लेते हैं और मन भर कर मोदक और मिठाई खाते हैं।
भगवान शिव (Lord Shiva) के जन्म के विषय में कई कथाएं प्रचलित हैं। शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव को स्वयंभू माना गया है। शिव के जन्म की कहानी हर कोई जानना चाहता है।
माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से एक चेतन पुरुष की रचना की, जो सभी गुणों से संपन्न, दोषों से रहित, सुंदर अंग वाला, अद्भुत शोभायमान, महाबली और पराक्रमी था। उन्होंने अपने इस पुत्र को विनायक का नाम दिया। यही विनायक मस्तक कटने के बाद गणेश के नाम से जाने गए।
ये कहानी भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के नरसिंह अवतार (Narsingh Avtaar) से जुड़ी हुई है। प्रह्लाद की रक्षा के लिए श्रीहरि ने नरसिंह अवतार धारण करके हिरण्यकशिपु का वध अपने पंजे से कर दिया। लेकिन भक्त पर हुए अत्याचार से नाराज नरसिंह पूरी सृष्टि के विनाश के लिए उतारु हो गए।
श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, विश्व भर में भगवान शिव का सबसे बड़ा मंदिर है। लगभग 24 एकड़ क्षेत्रफल में अपने विस्तार के कारण यह भारत का आठवाँ सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।
शेषनाग की हुंकार से आज भी खौलता है यहाँ का पानी
एक बार माता पार्वती (Mata Parvati) ने भगवान शिव (Lord Shiva) से कहा की प्रभु मैंने पृथ्वी पर देखा है कि जो व्यक्ति पहले से ही अपने प्रारब्ध से दुःखी है आप उसे और ज्यादा दुःख प्रदान करते हैं और जो सुख में है आप उसे दुःख नहीं देते है।
भगवान विष्णु की उत्पत्ति के संबंध में पुराणों में कई कहानियां है, जिनमें से एक कहानी शिव पुराण (Shiv Puran) में वर्णित है। जानिए, आखिर विष्णु जी (Lord Vishnu) का जन्म कैसे हुआ था।











