दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संबंधित विभाग से कानूनी राय लेने के बाद धन शोधन रोकथाम (PMLA) का मामला दर्ज किया। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए जल्द ही तलब किया जा सकता है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को तीन के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 3,986 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले चेन्नई स्थित सुराणा ग्रुप ऑफ कंपनीज की 113.32 करोड़ रुपये मूल्य की 67 पवन चक्कियों सहित 75 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया।
पूछताछ, गिरफ्तारी व संपत्ति जब्ती अधिकार सही; मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में बदलाव को भी सही ठहराया
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते अपने फैसले में संशोधित कानून के तहत ईडी को दी गई व्यापक शक्तियों की वैधता को बरकरार रखा था। इसे करीब 250 याचिकाओं में चुनौती दी गई थी। फैसले की समीक्षा के लिए विपक्षी दल फिर से सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
एजेंसी की एक टीम रविवार को मुंबई के भांडुप इलाके में उनके आवास पर पहुंची थी, जहां उन्होंने तलाशी ली, राउत से पूछताछ की और शाम तक उन्हें एजेंसी के स्थानीय कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया।
ईडी ने डिप्टी कलेक्टर को फर्जी दस्तावेज जमा करके तबुत इनाम एंडोमेंट ट्रस्ट (TIET) की भूमि के अधिग्रहण के खिलाफ 8.67 करोड़ रुपये के मुआवजे का दावा करने के लिए आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ पुणे पुलिस द्वारा दायर एक प्राथमिकी और चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) जांच शुरू की।
