सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सब्जियों की कीमतों में कमी के कारण अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई के 7.44% से घटकर 6.83% हो गई।
पिछले साल के मुकाबले इस साल देश में आम लोगों की थाली महंगी हुई है। चावल, आटा और दाल जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं और बढ़े हुए भाव ने थाली को महंगा कर दिया है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि खुदरा मुद्रास्फीति, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) द्वारा मापी गई वार्षिक 7% बढ़ी, जो अप्रैल में 7. 8% से थोड़ी धीमी थी, लेकिन 6. 3% दर्ज की गई थी। मई 2021 में। खाद्य मूल्य सूचकांक मई में थोड़ा ठंडा होकर लगभग 8% हो गया, जो अप्रैल में 8. 3% था।
भारत में अनियमित मानसूनी बारिश (Monsoon Rain) के कारण सब्जियों की आपूर्ति शृंखला में व्यवधान पैदा हो गया है, जिसके कारण कीमतें बढ़ गई हैं, जो अक्टूबर तक जारी रहने की उम्मीद है।
खुदरा मुद्रास्फीति (retail inflation) 6 प्रतिशत के आराम स्तर से ऊपर बनी हुई है और यूएस फेड सहित अधिकांश वैश्विक साथियों ने अपने आक्रामक रुख को जारी रखा है।




