मान्यता है कि इसी दिन भगवानशिव अर्ध रात्रि में ब्रह्मा जी के अंश से लिंग रूप में प्रकट हुए थे। कई जगहों पर मान्यता है कि इसी दिन भोले नाथ का गौरा माता से विवाह हुआ था।
व्रत, रात्रि- जागरण, शिव-पूजन (निशीथकाल: रात्रि 12:26 से 1:15 तक) पहर- प्रथम शाम 6:43 से, द्वितीय: रात्रि 9:43 से, तृतीय: मध्य रात्रि 12:51 से, चतुर्थ 2 मार्च प्रातः 3:55 से)