नेपाल सीमा से सटे उत्तराखंड (Uttarakhand) के पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के पास हिमालयी क्षेत्र में 6.3 तीव्रता के भूकंप के बाद बुधवार को पूरे उत्तर भारत में जोरदार झटके महसूस किए गए।
उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में प्रसिद्ध माँ चंडी देवी का मंदिर (Chandi Devi Mandir) है। देश में मौजूद 52 पीठों में से एक नील पर्वत पर स्थित इस मंदिर में मां खंभ के रूप में विराजमान है। वैसे तो यहां साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन मान्यता है की नवरात्र के दौरान जो भक्त माता के इस दरबार में सच्चे मन प्रार्थना करता है, मां उसकी हर मन्नत पूरी करती है।
उत्तराखंड (Uttarakhand) के पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जिले में मां चंडिका देवी (Mother Chandika Devi) का मंदिर स्थित है। चंडिका देवी को मां दुर्गा (Maa Durga) का ही रूप माना जाता है। मार्कण्डेय पुराण के दुर्गा माहात्म्य में इनके कृत्यों एवं स्वरूप का वर्णन किया गया है। मां चंडिका को न्याय की देवी भी कहा जाता है।
अष्टदश भुजा महालक्ष्मी मंदिर (Shri Mahalakshmi temple) उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जिले के बेरी पड़वा लालकुआं हल्द्वानी (Haldwani) में स्थित है। मंदिर का निर्माण करीब 2004 साल पहले हुआ था। मंदिर देवी महालक्ष्मी को समर्पित है। मंदिर बहुत ही सुंदर और अद्भुत है। यहां कई भक्त आते हैं और देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद लेते हैं।
चैती देवी मंदिर (Chaiti Devi mandir) उत्तराखंड (Uttarakhand) के उधम सिंह नगर जिले में काशीपुर (Kashipur) सिटी बस स्टैंड से 2.5 किमी दूर काशीपुर के कुंडेश्वरी रोड पर स्थित है। चैती देवी मंदिर को माता बालसुंदरी मंदिर (Mata Balasundari mandir) के नाम से भी जाना जाता है, कई भक्त यहां आध्यात्मिक आनंद में डूबने और पवित्र मंदिर के दर्शन करने आते हैं। मंदिर को ज्वाला देवी मंदिर (Jwala Devi Mandir) और उज्जैनी देवी (Ujjaini Devi) के नाम से भी जाना जाता है। यह काशीपुर के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है।
सीएम योगी शनिवार को उत्तराखंड के चंपावत में हो रहे विधानसभा उप चुनाव में वहां के मुख्यमंत्री और प्रत्याशी पुष्कर धामी (Pushkar Dhami) के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
गुप्तकाशी के रास्ते में हेलीकॉप्टर केदारनाथ मंदिर से उड़ान भरने के ठीक बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलिकॉप्टर में एक पायलट समेत कुल सात लोग सवार थे।
उत्तराखंड के पौड़ी जिले में बारातियों से भरी एक बस 300 मीटर गहरी नायर नदी में गिर गई। जानकारी के अनुसार बारात लालढांग से करातल्ला जा रही थी। बीच रास्ते में बिरोंखाल में सीएमडी बैंड के पास तेज रफ्तार बस पर चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सीधे नायर नदी में जा गिरी।
इस मंदिर को पशुपतिनाथ मंदिर (Pashupatinath Temple) के नाम से भी जाना जाता है चूंकि रुद्रनाथ मंदिर के अन्य मंदिरों से अलग है, इसलिए दूर दूर से लोग इस मंदिर के दर्शन करने आते हैं। जहां शिव जी के लिंग रूप की पूजा होती है वहीं इस मंदिर में केवल उनके मुख की पूजा होती है।
लक्ष्मण लोकपाल मंदिर (Laxman Lokpal Mandir) उत्तराखंड (Uttarakhand) के गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) के पास (15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। हेमकुंड साहिब के बर्फीले मैदान में लक्ष्मण मंदिर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस जगह पर लक्ष्मण ने अपने भाई श्रीराम के साथ 14 वर्ष वनवास में बिताए थे।
तुंगनाथ मंदिर (Tungnath Mandir) दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर है और यह मंदिर उत्तराखंड (Uttarakhand) के रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) जिले में...
Gopinath Mandir: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले गोपेश्वर (Gopeshwar) में शिव को समर्पित एक प्राचीन गोपीनाथ मंदिर (Gopinath Mandir)...
