नई दिल्ली: तकनीक की दुनिया में बड़े पैमाने पर छंटनी एक आदर्श बन गई है। लेकिन विप्रो (Wipro) अब आगे...
विप्रो (Wipro) के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी (Rishad Premji) का मानना है कि इसके लिए गृहनगर प्रवास, बढ़े हुए एट्रिशन स्तर या ऐसे परिदृश्य पर दोष दें जहां किसी संगठन में 30-40 प्रतिशत कर्मचारी दो साल से कम उम्र के हैं, आईटी उद्योग एकदम सही दिशा में है।
300 कर्मचारियों को निकाले जाने के बाद विप्रो (Wipro) चेयरमैन रिशद प्रेमजी (Rishad Premji) को एक हेट मेल आया। जिसमें विप्रो प्रमुख द्वारा निकाले गए कर्मचारियों को निकाले जाने के लिए उनकी आलोचना की गई।

