झांसी के अंतिम संघर्ष में महारानी की पीठ पर बंधा उनका बेटा दामोदर राव (Damodar Rao) (असली नाम आनंद राव) सबको याद है। लेकिन, रानी की चिता जल जाने के बाद उसके बेटे का क्या हुआ, ये कोई नहीं जानता।
कुछ ख्वाब परिंदे बनकर हम भी जिएंगे...
अक्ल बाटने लगे विधाता, लंबी लगी कतारी। सभी आदमी खड़े हुए थे, कहीं नहीं थी नारी।। सभी नारियाँ कहाँ रह...
शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु के सोने के बाद पूरे चार महीने शादी, विवाह, मुंडन, जनेऊ जैसे सभी 16 संस्कार कार्य पर रोक लग जाती है। भगवान विष्णु के देवोत्थान एकादशी पर जागने के बाद फिर से सभी कार्य शुरू हो जाते हैं।
गेंहू मूलतः भारत की फसल नहीं है। अमेरिका के एक हृदय रोग विशेषज्ञ हैं डॉ विलियम डेविस। उन्होंने एक पुस्तक लिखी थी 2011 में, जिसका नाम था "Wheat belly गेंहू की तोंद"। यह पुस्तक अब फूड हेबिट पर लिखी सर्वाधिक चर्चित पुस्तक बन गई है। पूरे अमेरिका में इन दिनों गेंहू को त्यागने का अभियान चल रहा है। कल यह अभियान यूरोप होते हुये भारत भी आएगा।
आयुर्वेद (Ayurveda) में गुड़ (Gur) का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है। इसका सेवन करने से शरीर को कई तरह की परेशानियां दूर होती हैं। यह चीनी का बेहतर विकल्प है। ऐसे में शुगर की वजह से होने वाली समस्याओं से राहत पाने में गुड़ काफी फायदेमंद हो सकता है। इसमें कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं इसलिए यह शरीर की कई समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ खाली पेट गुड़ का सेवन (Khali pet Gud khane ke phayde) करने की सलाह देते हैं। खाली पेट गुड़ (Jaggery) का सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत होती है। इसके साथ ही यह शरीर में खून की कमी से भी निजात दिला सकता है।
लीवर (Liver) हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन अगर इसमें कोई खराबी आ जाती है तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। हमारे ज्यादा तेल-मसाले वाले खानपान और गलत लाइफ स्टाइल का प्रभाव हमारे लीवर पर पड़ता है।
जब भगवान अपनी पत्नी भू देवी जी से बात करते तो कोई ना कोई आ जाती तो भगवान ने झट मिट्टी का छोटा-सा टुकड़ा उठाया और मुख में रख लिया और बोले कि पृथ्वी अब तुम मुझसे मेरे मुख में ही रहकर बात कर सकती हो।
हनुमानजी (Hanuman ji) लंका अकेले नहीं गए थे, अपने हृदय के सिंहासन पर श्रीराम को विराजमान कर ले गए थे। तभी तो सीताजी के समक्ष हनुमानजी के हृदय में विराजमान राम अपनी विरह-व्यथा स्वयं ही कहते हैं- 'कहेउ राम वियोग तव' हनुमानजी को ‘सिन्दूरारूणविग्रह’ कहा जाता है।
सनातन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि चातुर्मास में भगवान विष्णु सभी देवी-देवताओं के साथ पाताल लोक में शयन अवस्था में होते हैं। और इस समय सृष्टि का पालन भगवान भोलेनाथ करते हैं। इसलिए शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को इस दौरान करने की मनाही होती है। इस साल 10 जुलाई 2022 से चातुर्मास का प्रारंभ होगा जो 4 नवंबर 2022 तक चलेगा।
Benefits of Fennel: सौंफ का उपयोग आमतौर पर माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता है। इसके अलावा सौंफ का...
पैंतीस वर्षीय रंजीता देवी को 2021 में उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में स्तन कैंसर (Breast Cancer) का पता चला था, लेकिन उनके किसान पति के पास इलाज के लिए सीमित संसाधन थे। गरीब परिवार को स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कुमार से मदद मिली, जो खुद बचपन के कैंसर से बचे हुए थे, उन्होंने शीघ्र परामर्श, निदान और उपचार के महत्व को महसूस किया।
