नई दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार की सुबह करीब करीब बाल-बाल बच गईं, जब उनके काफिले के वाहन आपस में टकरा गए। यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर हापुड़ के पास हुई जो दिल्ली को लखनऊ से जोड़ती है। सौभाग्य से, कोई भी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी की गाड़ी तेज रफ्तार से रामपुर के लिए बढ़ रही थी, तभी गाड़ी गर्म हो गई और धुंआ निकलने लगा। इसकी वजह से ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दी। गाड़ी के अचानक रुकने से काफिले में पीछे चल रही समर्थकों की गाड़ियां आपस में टकरा गईं।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रमुख अजय कुमार लल्लू के अनुसार, प्रियंका 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान शहीद हुए किसान के परिवार से मिलने रामपुर जा रही थीं। उसके काफिले में चल रही गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
अजय कुमार ने कहा, ‘‘हमें पता चला है कि एक किसान नवनीत जो कनाडा से आया था और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहा था, को पुलिस ने गोली मार दी और ट्रैक्टर रैली के दौरान उसकी जान चली गई। प्रिया गांधी आज रामपुर में उसके परिवार से मिलेंगी।’’
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में आईटीओ के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान दिबडिबा गांव के निवासी नवनीत की उनके ट्रैक्टर के पलट जाने से मौत हो गई थी। प्रियंका अपनी संवेदना प्रकट करने के लिए नवनीत के परिवार वालों से मिलेंगी।
प्रियंका गांधी के दौरे को देखते हुए रामपुर जिला पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है। दावा किया जा रहा है कि प्रियंका गांधी 500 गाड़ियों के भारी-भरकम काफिले के साथ नवनीत के घर पहुंचेंगी।
