नई दिल्लीः केंद्र के नक्शेकदम पर चलते हुए, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी राज्य सरकार के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) को बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को तुरंत एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया है जिससे राज्य सरकार के लगभग 16 लाख कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
कोविड -19 महामारी के मद्देनजर राज्य के खजाने में वित्तीय घाटे के कारण 2020 में डीए संशोधन को रोक दिया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2020 में घोषणा की थी कि 1 जुलाई 2021 तक डीए में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। आमतौर पर, 1 जनवरी और 1 जुलाई को सालाना दो बार डीए बढ़ाया जाता है। संशोधन को स्थगित करने के निर्णय ने सरकारी कर्मचारियों को तीन बढ़ोतरी से वंचित कर दिया था।
एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, ‘‘केंद्र ने 14 जुलाई को मूल वेतन के डीए को 17 प्रतिशत से 28 प्रतिशत करने की घोषणा की। राज्य इसका पालन करेगा और मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग से इस पर तुरंत एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा है , ताकि बदलाव को जल्द से जल्द लागू किया जा सके।’’
नई दर, हालांकि, केवल 1 जुलाई, 2021 से लागू होगी और तब तक 1 जुलाई, 2019 को संशोधित दरें लागू होंगी।
अधिकारी ने बताया, “निर्णय लिया गया क्योंकि कोविड-19 के कारण राज्य के राजस्व में गिरावट आई थी। सरकार को कोविड-19 की रोकथाम, प्रबंधन, उपचार और राहत कार्य के लिए धन की आवश्यकता थी। इसके चलते केंद्र द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार, यूपी ने 1 जनवरी, 2020 से डीए में 4 प्रतिशत की वृद्धि को महामारी के कारण रोकना पड़ा था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हम यह नहीं कह सकते हैं कि जुलाई 2020 और जनवरी 2021 में डीए को संशोधित किया गया होगा या नहीं। यह मानते हुए कि दोनों अवसरों पर इसे 4 प्रतिशत तक संशोधित किया गया होगा, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य सरकार ने एक साल में लगभग7,000 करोड़ रुपये बचाये।
इस आदेश से राज्य सरकार के कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के कर्मचारियों और शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों को भी लाभ होगा।