
Badrinath Temple Donation Theft: उत्तराखंड पुलिस ने बद्रीनाथ मंदिर में दान प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, नौटियाल को रविवार को देहरादून स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया।
प्रमोद नौटियाल पहले BKTC चेयरमैन के पर्सनल असिस्टेंट के रूप में कार्यरत थे। उन पर मंदिर में प्राप्त दान के प्रबंधन और नकदी की गिनती से जुड़ी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप है।
मामले की जांच के लिए गठित BKTC की चार सदस्यीय समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में नौटियाल के खिलाफ लगे आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया। जांच में यह भी सामने आया कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए नकदी को गिनती क्षेत्र से अनधिकृत तरीके से हटाया गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए गिरफ्तारी की।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दान प्रबंधन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया ऐसे सबूत मिले कि सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बिना मंदिर के फंड से एडवांस पैसे जारी किए गए, जो एक वित्तीय अनियमितता है।
रिपोर्ट के अनुसार, केदारनाथ के तत्कालीन मैनेजर, केदारनाथ के तत्कालीन मुख्य प्रभारी अधिकारी और तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज में नौटियाल को मंदिर के दान गिनती वाले कमरे से नकदी, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे वाले लिफाफे “संदिग्ध तरीके से छिपाते या चुराते” हुए देखा गया।
इससे पहले, नौटियाल ने अपने निलंबन और अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती देते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अगली सुनवाई 16 जुलाई को होनी है।
बद्रीनाथ दान चोरी की जांच
उत्तराखंड सरकार ने पिछले हफ्ते अपनी तीन सदस्यीय जांच समिति भी गठित की थी।
इस मामले की जांच अभी पुलिस, SIT, BKTC की विभागीय जांच समिति और गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति द्वारा एक साथ की जा रही है।
सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ मंदिर में दान की गिनती के दौरान अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। इसके बाद, ‘भैरव सेना’ नाम के एक संगठन ने शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच तथा FIR दर्ज करने की मांग की।
रविवार को उत्तराखंड सरकार ने BKTC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को निर्देश दिया कि वे कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करें।
