• विदेश
  • Business
  • Politics
  • Science
  • Health
  • Opinion
  • राष्ट्रीय
    राष्ट्रीय

    Sonam Wangchuk Row: सोनम वांगचुक को जबरदस्ती प्रदर्शन स्थल से हटाने पर विपक्षी नेताओं ने भाजपा सरकार को घेरा

    India’s First Hydrogen Train: जिंद-सोनीपत रूट पर दौड़ी ग्रीन ट्रेन, कैसे करती है बिना डीजल के सफर?

    IMD Alert: आसमान से बरसेगी आफत! भारत में अगले 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट

  • राज्य
    राज्य

    वर्कप्लेस पर बढ़ता तनाव: कॉरपोरेट सेक्टर में मानसिक स्वास्थ्य अब बड़ी चिंता

    फिलीपींस में सनसनी: खुदाई में मिले त्रिशूल और वज्र, प्राचीन सभ्यता का बड़ा सुराग?

    Tamil Nadu Elections: तमिलनाडु चुनावों से पहले TVK की एंट्री से नई राजनीतिक हलचल शुरू

    • दिल्ली/एन.सी.आर.
    • हिमाचल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • छत्तीसगढ़
    • नार्थ-ईस्ट
  • विदेश
    विदेश

    Tariff Dispute: अमेरिका ने भारत और मैक्सिको पर 25% आयात शुल्क का बताया बड़ा कारण

    होर्मुज संकट गहराया, भारत ने जहाज मालिकों को जारी की अहम सुरक्षा सलाह

    Iran Attack: अमीराती ऑयल टैंकर पर ईरान का मिसाइल हमला, एक भारतीय की मौत, 8 घायल

  • खेल
    खेल

    IPL Match Prediction: मुंबई इंडियंस बनाम राजस्थान रॉयल्स में किसका पलड़ा भारी?

    IPL 2026: 2 हफ्ते पूरे होने के बाद भी MS Dhoni बाहर क्यों?

    Anaya Bangar Surgery: सफल जेंडर-अफ़र्मिंग सर्जरी के बाद परिवार को धन्यवाद, भावुक पोस्ट वायरल

  • बिजनेस
    बिजनेस

    Gold Silver Rate: सोना और चांदी के दाम धड़ाम, रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिली

    Union Budget 2026-27: क्या होगा सस्ता, क्या होगा महंगा?

    New Renault Duster 2026 Launch: फीचर्स, वेरिएंट, रंग और कीमत का पूरा अपडेट

  • मनोरंजन
    मनोरंजन

    थलपति विजय की आखिरी फिल्म बनेगी ‘जना नायगन’, एक स्वर्णिम फिल्मी सफर का होगा अंत

    Tumbbad 2: रहस्य की दुनिया में Alia Bhatt का नया अवतार

    Raghav Juyal Comedy: ‘भाई तेरा स्टार है’ का ट्रेलर देखकर नहीं रुकेगी हंसी

  • धर्म-कर्म
    धर्म-कर्म

    Kailash Mansarovar Yatra 2026: रूट, रजिस्ट्रेशन, खर्च और नए बदलाव—जानें सब कुछ

    Amarnath Yatra 2026: 4,800 श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना, LG ने दिखाई हरी झंडी

    5211 किलो का विशाल पारद शिवलिंग बना हरिद्वार की नई पहचान

  • विचार
    विचार

    मालवीय नगर हादसे में इंसानियत की मिसाल बने ये गुमनाम नायक!

    Malviya Nagar Tragedy: असली अपराधी कौन—लालच, लापरवाही या पूरा सिस्टम?

    Climate Change Alert: 30°C पार तापमान से कॉफी संकट गहराया, उत्पादन घटने की आशंका

  • विविध
    विविध

    Breast cancer: AI से ब्रेस्ट कैंसर जांच में नई क्रांति, मुंबई में लगी देश की पहली स्मार्ट मैमोग्राफी मशीन

    Childhood Cancer की Early Screening पर सरकार का बड़ा फोकस

    रेटिनोब्लास्टोमा के खिलाफ भारत की बड़ी कामयाबी, इलाज पहुंचा देशभर में

  • वेब स्टोरीज़
  • English
    English

    Factory Fire in China: 28 Die Tragically; Xi Jinping Calls It a Major Loss

    Iran Missile Attack: Missiles fired again at ships passing through Hormuz; full sequence of events

    Ali Khamenei’s funeral: Mojtaba Khamenei absent; three sons pay final respects in Tehran

    Reading
    विशेष लेख: सुर और ताल का होगा संगम, आदिवासी नृत्य से मन जाएगा रम
    ShareTweet
    छत्तीसगढ़

    विशेष लेख: सुर और ताल का होगा संगम, आदिवासी नृत्य से मन जाएगा रम

    रायपुर: नृत्य वह संगम है, नृत्य वह सरगम है, जिसमें न सिर्फ सुर और ताल का लय समाया है, अपितु जीवन की वह सच्चाई भी समाई हुई है जो हमें अपने उत्साह और खुशियों के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। नृत्य मुद्राओं, भाव-भंगिमाओं और भावनाओं, रूप-सौंदर्य के साथ खुशियों की वह अभिव्यक्ति भी है जो नृत्य करने वालों से लेकर इसे देखने वालों के अंतर्मन में उतरकर उन्हें इस तरह झूमने को मजबूर कर देता है कि शरीर का रोम-रोम ही नहीं सारे अंग झूम उठते हैं।

    छत्तीसगढ़ की संस्कृति 
    छत्तीसगढ़ की भी अपनी अलग संस्कृति और पहचान है। सरगुजा से लेकर बस्तर तक वहाँ की प्रकृति में समाई नदी-नालों, झरनों,जलप्रपातों की अविरल बहती धाराओं की कलकल, झरझर की गूंज हो या बारिश में टिप-टिप गिरती पानी की बूंदे या उफान में रौद्र बहती नदियों की धारा, शांत जंगल में पंछियों का कलरव हो या छोटी-छोटी चिड़ियों की चहचहाहट, पर्वतों, घने जंगलों से आती सरसराती हवाएं हो या फिर वन्य जीवों की ख़ौफ़नाक आवाजें, भौरों की गुँजन, कीड़े-मकौड़े, झींगुरों की आवाज़ से लेकर पेड़ो से गिरते हुए पत्तों और जरा सी हवा चलने पर दूर-दूर सरकते सूखे पत्तों की सरसराहट सहित कई ऐसी धुने हैं जो सरगुजा से लेकर बस्तर के बीच जंगलों में नैसर्गिक और खूबसूरत दृश्यों के साथ समाई है। भले ही हम इन प्रकृति और प्रकृति के बीच से उठती धुनों की भाषाओं को समझ नहीं पाते, लेकिन इनके बीच कुछ पल वक्त गुजारने से ऐसा महसूस होता है कि जंगलों, नदी, पर्वतों, वन्य जीवों की भी सुख-दुख से जुड़ी अनगिनत कहानियां है जो अपनी भाषाओं, अपनी शैलियों में गीत गाते हैं, नृत्य करते हैं और इनका यह गीत और नृत्य इनके आसपास रहने वाले जनजातियों की संस्कृति में घुल-मिलकर वाद्य यंत्रों के सहारे हमें नृत्य के साथ देखने और समझने को मिलता है।

    छत्तीसगढ़ की जनजातियों 
    छत्तीसगढ़ की संस्कृति का दर्शन कराने के साथ हमें जीवन की कई चुनौतियों से लड़ने और खुशी के अलावा विषम परिस्थितियों में भी जीवन यापन करने की प्रेरणा और संदेश देने वाले आदिवासी समाज के नृत्य, संगीत और गीत से एक बार फिर राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के माध्यम से देशभर के लोगों को जुड़ने का मौका मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजधानी रायपुर में एक बार फिर 28 से 30 अक्टूबर तक राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन साइंस कालेज मैदान में किया जा रहा है। महोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी है।

    इस महोत्सव में देशभर के अलग-अलग राज्यों से कलाकार जनजाति समाज सहित अन्य परिवेश के नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। संस्कृति की ही अभिव्यक्ति व संवाहक छत्तीसगढ़ का नृत्य वास्तव में बहुत प्राचीन और समृद्धशाली होते हुए लोक कथाओं से जुड़ी है। जोकि मनोरंजन मात्र के लिए नहीं है। इन नृत्यों में आस्था, विश्वास और धार्मिक कथाओं का संगम भी है। आदिवासी समाज द्वारा अपने विशिष्ट प्रकार के नृत्यों का अभ्यास कर विभिन्न अवसरों पर जैसे- ऋतुओं के स्वागत, परिवार में बच्चे के जन्म, विवाह सहित अन्य बहुत से पर्व को उल्लास के साथ मनाने के लिए गीत गाये जाते हैं और नृत्यों का प्रदर्शन किया जाता है। इनमें आदिवासी समाज के पुरूष तथा महिलाओं की समान सहभागिता भी सम्मिलित होती है। सामूहिक रूप से सभी पारम्परिक धुनों में कदम और चाल और ताल के साथ नृत्य करते हैं।

    छत्तीसगढ़ की जनजातियों द्वारा विभिन्न अवसरों में किए जाने वाले नृत्यों में विविधताओं के साथ कई समानताएं भी होती है। यहां आदिवासी समाज द्वारा सरहुल, मुरिया समाज द्वारा ककसार, उरांव का डमकच, बैगा और गोड़ समाज का करमा, डंडा, सुआ नाच सहित सतनामी समाज का पंथी और यदुवंशियों का राउत नाच भी प्रसिद्ध है।

    छत्तीसगढ़ राज्य के अनेक नृत्य है। जो राज्य ही नहीं देश-विदेश में भी अपनी पहचान रखते हैं। आदिवासियों का प्रमुख क्षेत्र बस्तर, सरगुजा संभाग है। प्रकृति के नैसर्गिक वातावरण में रहने वाले इन जनजातियों के अलग-अलग जातीय नृत्य हैं। इनमें माड़ियों का ककसार, सींगों वाला नृत्य, तामेर नृत्य, डंडारी नाचा, मड़ई, परजा जाति का परब नृत्य, भतराओं का भतरा वेद पुरुष स्मृति और छेरना नृत्य, घुरुवाओं का घुरुवा नृत्य, कोयों का कोया नृत्य, गेंडीनृत्य प्रमुख है। मुख्यतः पहाड़ी कोरवा जनजातियों द्वारा किये जाने वाले डोमकच नृत्य आदिवासी युवक-युवतियों का प्रिय नृत्य है। विवाह के अवसर पर किये जाने वाले इस नृत्य को विवाह नृत्य भी कहा जाता है। यह नृत्य छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का पर्याय है। करमा नृत्य को बैगा करमा, गोंड़ करमा, भुंइयाँ करमा आदि का जातीय नृत्य माना जाता है। इसमें स्त्री-पुरुष सभी भाग लेते हैं। सरहुल नृत्य उरांव जाति का जातीय नृत्य है। यह नृत्य प्रकृति पूजा का एक आदिम रूप है। आदिवासियों का विश्वास है कि साल वृक्षों के समूह में जिसे सरना कहा जाता है। महादेव और देव पितरों को प्रसन्न करके सुख शांति की कामना के लिए चैत्र पूर्णिमा की रात इस नृत्य का आयोजन किया जाता है। समूह में बहुत ही कलात्मक ढंग से किये जाने वाले डंडा व सैला नृत्य पुरुषों का सर्वाधिक प्रिय नृत्य है। इस नृत्य में ताल का अपना विशेष महत्व होता है। इसे मैदानी भाग में डंडा नृत्य और पर्वती भाग में सैला नृत्य के रूप में भी जाना जाता है। छत्तीसगढ़ के जनजाति बहुल क्षेत्रों में ग्राम देवी की वार्षिक, त्रिवार्षिक पूजा के दौरान मड़ई नृत्य करते हैं, इसमें देवी-देवता के जुलूस के सामने मड़ई नर्तक दल नृत्य करते है एवं पीछे-पीछे देवी-देवता की डोली, छत्रा, लाट आदि प्रतीकों को जुलूस रहता है। धुरवा जनजाति द्वारा विवाह के दौरान विवाह नृत्य किया जाता है। विवाह नृत्य वर-वधू दोनों पक्ष में किया जाता है। विवाह नृत्य तेल-हल्दी चढ़ाने की रस्म से प्रारंभ कर पूरे विवाह मंे किया जाता है। इसमें पुरूष और स्त्रियां समूह में गोल घेरा बनाकर नृत्य करते हैं।

    इसी तरह राज्य में गेड़ी नृत्य भी प्रसिद्ध है। मुरिया जनजाति के सदस्य नवाखानी पर्व के दौरान लगभग एक माह पूर्व से गेड़ी निर्माण प्रारंभ कर देते हैं। गेड़ी नृत्य सावन मास के हरियाली अमावस्या से भादो मास की पूर्णिमा तक किया जाता है। गेड़ी नृत्य नवाखानी त्यौहार के समय करते हैं। इसमें मुरिया युवक बांस की गेंड़ी में गोल घेरा में अलग-अलग नृत्य मुद्रा मंे नृत्य करते हैं। नाट्य तथा नृत्य का सम्मिलित रूप गंवरमार नृत्य मुरिया जनजाति द्वारा किया जाता है। मुरिया जनजाति के नर्तक दल गौर-पशु मारने का प्रदर्शन करते हैं। इस नृत्य में दो व्यक्ति वन में जाकर गौर-पशु का शिकार करने का प्रयास करते हैं, किन्तु शिकार के दौरान गौर-पशु से घायल होकर एक व्यक्ति घायल हो जाता है। दूसरा व्यक्ति गांव जाकर पुजारी (सिरहा) को बुलाकर लाता है जो देवी आह्वान तथा पूजा कर घायल व्यक्ति को स्वस्थ्य कर देता है तथा दोनों व्यक्ति मिलकर गंवर पशु का शिकार करते हैं। इसी के प्रतीक स्वरूप गवंरमार नृत्य किया जाता है। यह एक प्रसिद्ध नृत्य है। जो देखने वालों को बहुत प्रभावित करता है।

    सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ के स्त्रियों द्वारा समूह में किये जाने वाला नृत्य है। इस नृत्य को करने वाली युवती या नारी की सुख-दुख की अभिव्यक्ति, मन की भावना नृत्य में प्रदर्शित होता है।

    Tags
    Special article: There will be a confluence of tone and rhythmtribal dance will make you feel like rum
    LAATSAAB's avatar
    LAATSAAB
    Related
    छत्तीसगढ़

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2025

    छत्तीसगढ़

    इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ में FDI के खुले रास्ते

    छत्तीसगढ़

    भारत पर्व में दिखेगी छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं और रामनामी समुदाय की झलक

    छत्तीसगढ़

    30 जनवरी को मनाया जाएगा Martyr’s Day

    Previous विशेष लेख: सुर और ताल का होगा संगम, आदिवासी नृत्य से मन जाएगा रम
    Next देवभूमि से मातृभूमि लौटे यात्री, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    Leave a Reply Cancel reply

    You must be logged in to post a comment.

    Most Viewed

    Sonam Wangchuk Row: सोनम वांगचुक को जबरदस्ती प्रदर्शन स्थल से हटाने पर विपक्षी नेताओं ने भाजपा सरकार को घेरा

    Tariff Dispute: अमेरिका ने भारत और मैक्सिको पर 25% आयात शुल्क का बताया बड़ा कारण

    India’s First Hydrogen Train: जिंद-सोनीपत रूट पर दौड़ी ग्रीन ट्रेन, कैसे करती है बिना डीजल के सफर?

    IMD Alert: आसमान से बरसेगी आफत! भारत में अगले 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट

    Sections

    • Business
    • Health
    • Opinion
    • Politics
    • Science
    • विदेश

    Connect

    • Contact
    • About
    • Work With Us
    • Advertise
    • Terms Of Service
    • Site Map

    Legalese

    • Help
    • Subscriptions
    • Corporate
    • Terms Of Sale
    • Privacy Policy
    • GDPR
    • About us
    • Contact Us
    • Business
    • Health
    • Opinion
    • Politics
    • Science
    • विदेश
    • Contact
      • Business
      • Health
      • Opinion
      • Politics
      • Science
      • विदेश
      • Contact
      • About
      • Work With Us
      • Advertise
      • Terms Of Service
      • Site Map
      • Help
      • Subscriptions
      • Corporate
      • Terms Of Sale
      • Privacy Policy
      • GDPR
      2020 © Zeen World News
      Start typing to see results or hit ESC to close
      #Chhattisgarh #BhupeshBaghel Uttar Pradesh Yogi Adityanath Bollywood #AmitShah #UttarPradesh #YogiAdityanath
      See all results