
मुंबई: कुछ प्रोजेक्ट महज काम नहीं होते, बल्कि करियर के ऐसे पड़ाव बन जाते हैं, जिन्हें जिंदगी भर याद रखा जाता है। निवेदिता बसु के लिए ‘तंदूर’ भी ऐसा ही प्रोजेक्ट रहा, जिसने लॉकडाउन की मुश्किल परिस्थितियों के बीच उन्हें दोबारा निर्देशक की कुर्सी पर लौटाया और ओटीटी निर्देशन की नई पारी शुरू कराई। सीमित क्रू, कड़े सुरक्षा नियमों और तमाम चुनौतियों के बीच पूरी हुई इस सीरीज़ की शूटिंग अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी।
‘तंदूर’ की सफलता ने उस मेहनत को पहचान भी दिलाई। सीरीज़ को फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड्स में बेस्ट सीरीज़, बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस जैसी प्रमुख श्रेणियों में नामांकन मिला। खास बात यह रही कि निवेदिता ने अपने पुराने दोस्तों तनुज विरवानी और रश्मि देसाई के साथ काम किया, जबकि चित्रा वकील शर्मा और चांदनी सोनी के साथ यह सफर रचनात्मक साझेदारी में बदल गया। संगीत को भी उन्होंने कहानी का अहम हिस्सा बनाया।
निवेदिता बसु कहती हैं, “‘तंदूर’ सिर्फ मेरा ओटीटी डेब्यू नहीं था, बल्कि उस कला में मेरी वापसी थी, जिसके लिए मैंने प्रशिक्षण लिया था और जिसे मैं हमेशा से बेहद प्यार करती रही हूं। लॉकडाउन ने हमारी परीक्षा ली, लेकिन इसने सिखाया कि बेहतरीन कहानियां सुविधाओं से नहीं, दृढ़ विश्वास और समर्पण से बनती हैं।” ‘तंदूर’ इस बात की मिसाल बन गया कि मुश्किल दौर भी जुनून और मजबूत कहानी के सामने रास्ता नहीं रोक सकता।
