उत्तराखंड (Uttarakhand) के पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जिले में मां चंडिका देवी (Mother Chandika Devi) का मंदिर स्थित है। चंडिका देवी को मां दुर्गा (Maa Durga) का ही रूप माना जाता है। मार्कण्डेय पुराण के दुर्गा माहात्म्य में इनके कृत्यों एवं स्वरूप का वर्णन किया गया है। मां चंडिका को न्याय की देवी भी कहा जाता है।
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राम भक्त हनुमानजी (Hanumanji) की पूंछ में चमत्कारिक असर माना गया है। यही कारण है कि ग्रहों के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए भी उनकी पूंछ की पूजा की जाती है। हनुमान जी को देवी-देवताओं ने कई तरह की शक्तियों का वरदान दिया है। अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता की पूंछ में भी कम ताकत नहीं होती।
वाराणसी जिला अदालत ने दिया ऐतिहासिक निर्णय , हाईकोर्ट व सु्प्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है प्रतिवादी पक्ष
99 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, पीएम मोदी व तमाम मंत्री-नेताओं ने जताया शोक, आजादी के आंदोलन में दो बार जेल भी गए थे
लोकसभा चुनाव 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती देने के लिए विपक्ष को एकजुट करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इस बीच, एआईएमआईएम (AIMIM) नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ चेहरे लड़ेंगे तो मुश्किल होगी।
प्रियंका, करीना, मलाइका, भारती व अंजली तेंदुलकर प्रत्यक्ष गवाह, कई वेबसाइट्स व टीवी सीरियल भी भौजी, भाभी या फिर भौजाई के सहारे खूब कमाई कर रही।
भारत के साथ ही विश्व के कई देशों में प्रसिद्ध हिंदू मंदिर हैं। इसी तरह नेपाल में भी कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां हजारों हिंदू दर्शन के लिए जाते रहते हैं। इन्हीं मंदिरों में एक बेहद रहस्यमयी मंदिर है। इस मंदिर में कोई भी आम नागरिक तो पूजा कर सकता है, लेकिन नेपाल राजपरिवार के लोग इस मंदिर में पूजा नहीं कर सकते हैं। जानिए, इस मंदिर के बारे में।
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सृष्टि के आरंभ में जब देवी सरस्वती प्रकट हुई तब देवी ने अपनी वीणा के स्वर से सृष्टि में ध्वनि को जन्म दिया। लेकिन इस ध्वनि में न तो सुर था और न ही संगीत। सृष्टि के आरंभ से आनंदित शिव जी ने जैसे ही नृत्य आरंभ किया और 14 बार डमरू बजाया तभी उनके डमरू की ध्वनि से व्याकरण और संगीत के धन्द, ताल का जन्म हुआ।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक कथित डॉक्टर की हैवानियत भरा चेहरा सामने आया है। उसने यूट्रस के ऑपरेशन के नाम पर सकरा के मथुरापुर की एक महिला सुनीता की दोनों किडनी निकाल ली।
कन्याकुमारी में महिला मनरेगा कार्यकर्ताओं से मिलने के दौरान तमिल लड़की से शादी का मिला प्रस्ताव
हिंदू धर्म में मान्यता है कि साल में 15 दिन पितर पृथ्वी पर आते हैं और परिजनों द्वारा किए तर्पण (Tarpan), पिंडदान (Pinddaan) और श्राद्ध (Shradh) से तृप्त होते हैं। श्राद्ध पक्ष ((Shradh Paksha) को पितर दोष से मुक्ति पाने का खास अवसर माना जाता है। पितरों के आशीर्वाद से परिवार और घर फलता-फूलता है लेकिन यदि पूर्वज नाराज हो जाए तो कई पीढ़ियों तक पितृ दोष (Pitra Dosh) का दंश झेलना पड़ता है।
