कोरबाः छत्तीसगढ राज्य में जशपुर जिले को नागलोक बोला जाता है। माना जाता है कि जशपुर के तबकारा में बहुत ज्यादा मात्रा में सांप पाए जाते हैं। पर कोरबा जिले में जिस तरह अनेक प्रकार के सांप मिल रहें उससे तो यहीं लगता हैं कोरबा जिला भी नागलोक में तब्दील हो गया है और जशपुर की बजाए कोरबा जिले को नागलोक घोषित कर देना चाहिए। जिस तरह कुछ वर्षों में कोरबा जिले में विश्व का सब से लंबा और खतरनाक साप किंग कोबरा मिल रहा है, इसमें कोई दोराय नहीं है कि कोरबा पूरी तरह नागलोक में तब्दील हो गया है। साथ ही कोरबा जिले में दुर्लभ और विभिन्न प्रजाति के सांप मिल रहे हैं। इससे यही अनुमान लगाया जा सकता हैं की कोरबा का जंगल इनके लिए बहुत ही अनुकूल है।
आए दिन जिले के अनेक शासकीय कार्यालयों में सांप घुसने की जानकारी मिलती रहती है। इसी कड़ी में आज तहसील कार्यालय में सुबह करीब 7 बजे एक घटना घटी। एक कर्मचारी की ड्यूटी लगी थी। रोजाना की तरह वह अपने काम पर पहुंचा ही था कि उसे जोर से एक सांप की फुंकार सुनाई दी। सांप को देखते ही उस कर्मचारी के होश उड़ गये। वह तुरंत अपने दफ्तर से भाग खड़ा हुआ। उसने इस घटना की जानकारी अपने उच्च अधिकारी को दी। जिसके बाद स्नेक रेस्क्यू टीम प्रमुख (वन विभाग सदस्य) जितेंद्र सारथी को इसकी जानकारी दी गई। जितेंद्र सारथी तुरंत अपनी टीम के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां साप को सुरक्षित रेस्क्यू कर डिब्बे में रख लिया। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत कि सांस ली। सारथी द्वारा लोगों को आगे भी सचेत रहने को कहा गया और सांप निकलने पर वन विभाग के द्वारा आमजनों के लिए जारी किए गए टोल फ्री नंबर 8817534455 पर जानकारी देने की बात कही गई।
वन विभाग सांपो के संरक्षण में कर रही काम
कोरबा डीएफओ प्रियंका पाण्डेय के दिशानिर्देश पर सांपो के संरक्षण में जितेंद्र सारथी लगातार काम कर रहे हैं। साथ ही सभी दुर्लभ प्रजातियों के सांपो को बचाने और उनके संरक्षण की दिशा में एक प्रोजेक्ट के तहत तैयारी की जा रही है, जिसे जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।
जितेंद्र सारथी और उनकी टीम दिन-रात कर रही कड़ी मेहनत
जितेंद्र सारथी ने बताया मेरी टीम लागातार काम कर रही, सुबह तो सुबह रात में भी लोगों के घर पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे भी उनकी टीम इसी तरह मेहनत करती रहेगी।
