विनायक, गणेश जी का सबसे लोकप्रिय रूप है। गणेश जी (Ganesh ji) जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाईं तरह मुड़ी होती है, वे सिद्घपीठ से जुड़ी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं। मान्यता है कि ऐसे गणपति बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं और उतनी ही जल्दी कुपित भी होते हैं।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सृष्टी की निर्मिति हुई, इसलिए इस दिन हिन्दू नववर्ष मनाया जाता है । इस दिन को...
कर्नाटक (Karnataka) के चामराजनगर (Chamarajanagar) में स्थित चामराजेश्वर मंदिर (Chamrajeshwar Temple) द्रविड़ वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण है।
श्राद्ध या पितृ पक्ष 20 सितंबर यानी आज से शुरू होकर पितृमोक्षम अमावस्या पर समाप्त होगा। इन दिनों हिंदू अपने...
हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु के शालीग्राम स्वरूप और माता तुलसी का...
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धनवन्तरि अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए हैं।...
1. एक मुख्य आचार्य व चार सहायक आचार्य होने चाहिए। क्योंकि मुख्य आचार्य स्वयं व्यास स्वरूप है तो सहायक चार...
वास्तव में शिव का अवतार हनुमान (Shiv ka Avtaar Hanuman) ही थे और यह भी सत्य है कि भगवान राम (Bhagwan Ram) ही शिव के हनुमान अवतार (Hanuman Avtaar) का कारण बने थे। रामायण में बताया गया है कि एक बार भगवान शिव की भी इच्छा हुई कि पृथ्वीलोक चलकर भगवान राम के दर्शन किये जायें। उस समय भगवान राम जी की आयु लगभग 5 वर्ष के आसपास रही होगी।
इस वर्ष रामनवमी के पर्व पर एक साथ कई तरह का दुर्लभ संयोग बन रहा है। राम नवमी पर अमृत सिद्धि योग, गुरु पुष्य योग, शुभ योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं। इसके अलावा रामनवमी गुरुवार के दिन पड़ने से इसका महत्व काफी और भी बढ़ गया है।
एक बार किसी ने भगवान विष्णु से पूछ दिया-महाराज! आपने नारद के चरित्र में कलंक क्यों लगवा दिया? क्योंकि नारद...
शामलाजी (Shamlaji) भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) के तीन प्रमुख मंदिरों में एक है, जो गुजरात (Gujarat) के अरावली जिले (Aravalli...
हिन्दू धर्म में पंचदेव की पूजा रोज करनी चाहिए। इनमें गणेशजी, शिवजी, विष्णुजी, मां दुर्गा और सूर्यदेव शामिल हैं। रोज सुबह सूर्यदेव (Suryadev) के दर्शन करने से कुंडली के सूर्य और अन्य ग्रहों के दोष दूर हो सकते हैं। सूर्य साक्षात दिखाई देने वाले भगवान माने जाते हैं।




