आज भी हर साल जगन्नाथ यात्रा के उपलक्ष्य में सोने की झाड़ू से पुरी के राजा खुद झाड़ू लगाने आते है।
नई दिल्ली: 19 नवम्बर, 2021 (28 कार्तिक, शक संवत 1943) को आंशिक चंद्र ग्रहण घटित होगा । भारत में चंद्रोदय...
भगवान श्री कृष्ण (Shri Krishna) का पांचजन्य शंख (Panchajanya Shankh) बड़ा ही विशिष्ट शंख है, यह दुर्लभ है। कहते हैं इस शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय हुई थी। समुद्र मंथन में उत्पन्न रत्नों में छठा रत्न यही शंख था और उसके पश्चात भगवान विष्णु के पास माता लक्ष्मी तथा यह शंख सुशोभित हुए। किन्तु महाभारत में भी इस शंख की उपस्थिति का वर्णन है।
माता आदिशक्ति के 51 पीठों की तरह ही कोल्हापुर में 27 हजार वर्गफुट में फैला माता महालक्ष्मी (Mahalakshmi) का शक्तिपीठ विश्व प्रसिद्ध है। 2000 साल पुराने इस मंदिर को सबसे प्राचीन माना जाता है।
शेषनाग की हुंकार से आज भी खौलता है यहाँ का पानी
सावन (Sawan) माह शिव जी को बेहद प्रिय है। सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को है। सावन के हर सोमवार का विशेष महत्व है। पुराणों के अनुसार महादेव को प्रसन्न करने के लिए सावन का माह सर्वोत्तम माना गया है।
उत्तराखंड (Uttarakhand) के हरिद्वार (Haridwar) में एक प्राचीन मां चंडी देवी मंदिर(Chandi Devi Mandir) है। मां चंडी देवी को चंडिका देवी के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर शक्ति स्वरुप मां चंडी देवी को समर्पित है। यहां माता खंभ के रूप में विराजमान है।
वास्तव में शिव का अवतार हनुमान (Shiv ka Avtaar Hanuman) ही थे और यह भी सत्य है कि भगवान राम (Bhagwan Ram) ही शिव के हनुमान अवतार (Hanuman Avtaar) का कारण बने थे। रामायण में बताया गया है कि एक बार भगवान शिव की भी इच्छा हुई कि पृथ्वीलोक चलकर भगवान राम के दर्शन किये जायें। उस समय भगवान राम जी की आयु लगभग 5 वर्ष के आसपास रही होगी।
तमिलनाडु के मदुरै में भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) को समर्पित अनोखा कूडल अझगर मंदिर (Koodal Azhagar Mandir) है। आठ हिस्सों में बने हुए इस मंदिर का शिखर ऐसा है, जिसकी परछाई धरती पर नहीं पड़ती। इस मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में है। यह मूर्ति देखने में बहुत ही दिव्य और भव्य लगती है।
भोजपुर जिला के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत बखोरापुर में है भव्य मां काली मंदिर (Bakhorapur Kali Temple)। अपनी भव्यता व विस्तृत क्षेत्रफल में फैलाव के कारण यह मंदिर भक्तों व पर्यटकों को भाने लगा है।
हनुमान जी (Hanuman ji) के माता-पिता का नाम केसरी व अंजना था, जिन्होंने उन्हें बहुत यत्न के बाद प्राप्त किया...
Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) भगवान शिव को समर्पित सबसे शुभ हिंदू त्योहारों में से एक है, जो फाल्गुन...









