Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन आज मां सिद्धिदात्री (Maa Siddhidatri) की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं...
नवरात्रि (Navratri) के चौथे दिन देवी शक्ति के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि...
Nirjala Ekadashi एक वर्ष में सभी चौबीस एकादशियों में से सबसे महत्वपूर्ण एकादशी है। निर्जला एकादशी व्रत कठोर उपवास नियमों के कारण सभी एकादशी व्रतों में सबसे कठिन है। निर्जला एकादशी व्रत के दौरान भक्त न केवल भोजन से बल्कि पानी से भी परहेज करते हैं।
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी की तिथि 17 जून को प्रात: 4 बजकर 43 मिनट से शुरू हो जाएगी और अगले दिन 18 जून को सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून मंगलवार को रखा जाएगा।
यह त्योहार एकता, समानता और खुशी का प्रतीक है, जो समुदायों को भरपूर फसल के मौसम का जश्न मनाने के लिए एक साथ लाता है।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में स्थित है प्रसिद्ध पंचमुखी गणेश मंदिर (Panchmukhi Ganesh Temple)। यहां पर भगवान गणेश पंचमुखी अवतार में विराजमान है। इसलिए इस मंदिर को पंचमुखी गणेश मंदिर कहा जाता है। यह मंदिर देश के अन्य गणेश मंदिरों से काफी अलग है।
बिहार की राजधानी पटना में स्थित पटन देवी मंदिर (Patan Devi Mandir) शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। देवीभागवत और तंत्रचूड़ामणि के अनुसार, सती की दाहिनी जांघ यहीं गिरी थी. नवरात्र के दौरान यहां काफी भीड़ उमड़ती है। सती के 51 शक्तिपीठों में प्रमुख इस उपासना स्थल में माता की तीन स्वरूपों वाली प्रतिमाएं विराजित हैं।
Nirjala Ekadashi 2022: इस साल निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) को लेकर काफी भ्रम की स्थिति है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, व्रत...
Nirjala Ekadashi 2023: निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) हिंदू कैलेंडर में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण दिवस है।
The significance of Onam lies in its deep cultural, religious, and social roots in Kerala, making it one of the most important festivals in the state.
कपूरथला स्थित पंच मंदिर (Panch Mandir) का निर्माण कपूरथला स्टेट के महाराजा फतेह सिंह ने 1831 में तैयार करवाया था। यह मंदिर 12 साल में तैयार हुआ था। यह मंदिर 200 साल पुराना और ऐतिहासिक है। यह भारत का दूसरा ऐसा मंदिर है, जहां सूर्य भगवान और राधा-कृष्ण के मंदिर में सुशोभित प्रतिमा पर हर सुबह सूरज की किरणें सीधी पड़ती हैं।
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पापंकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म...


