नवरात्रि के दौरान रंगों की एक विशेष भूमिका होती है क्योंकि प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के एक विशेष रूप और उनके आशीर्वाद से जुड़ा होता है। भक्तजन दिव्य कृपा पाने और भक्तिभाव से अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए इस दिन से संबंधित रंग पहनते हैं।
वैसे तो यह त्योहार लगभग पूरे भारत में मनाया जाता है। लेकिन, मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, और बिहार में मनाया जाता है। यह सिर्फ़ एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव भी है।
इन दिनों माता के भक्त उपवास रखते हैं। उपवास के दौरान क्या खाएं और क्या न खाएं इस पर संशय बना रहता है। इसलिए यहाँ पर कुछ स्वास्थ्यप्रद उपवास विकल्प दिए गए हैं।
चांदिवली, अंधेरी ईस्ट स्थित बूमरैंग टॉवर में आज दुनिया की सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा (eco-friendly Ganpati) “बूमरैंग का राजा” (Boomerangs ka Raja) का भव्य अनावरण हुआ।
आमलकी एकादशी का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं।
विवाह पंचमी एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है जो भगवान राम और सीता के दिव्य विवाह का जश्न है, जैसा कि महाकाव्य रामायण में वर्णित है।
अपनी अनूठी थीम और भव्य सजावट के लिए प्रसिद्ध कोलकाता के अलौकिक दुर्गा पूजा पंडाल हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। कोलकाता शहर दुर्गा पूजा उत्सव का केंद्र है, जहाँ इस त्योहार को बड़े उत्साह और जोश के साथ बंगाल के लोग हमेशा मनाते हैं।
दुर्गा पूजा सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है, खासकर पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, बिहार और बांग्लादेश में, लेकिन पूरे भारत में भी मनाया जाता है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव भी है।
ये नौ दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों, जिन्हें नवदुर्गा के नाम से जाना जाता है, की पूजा के लिए समर्पित हैं। यह उस ब्रह्मांडीय शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है जो ब्रह्मांड का निर्माण, संरक्षण और सुरक्षा करती है।
चैत्र नवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहारों में से एक है। यह देवी दुर्गा और उनके नौ दिव्य रूपों की पूजा करने के लिए समर्पित है।
मकर संक्रांति पर इस बार दो तिथियों को लेकर लोग उलझन में हैं। हालांकि संक्रांति तब शुरू होती है जब सूर्य देव राशि परिवर्तन कर मकर राशि में पहुंचते हैं।
देवउठनी एकादशी का शुभ अवसर, जिसे प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस साल देवउठनी एकादशी का दिन 12 नवंबर को मनाया जाएगा।











