बिहार के दरभंगा जिले में मां काली का यह भव्य मंदिर मौजूद है, जिन्हें यहां भक्त श्यामा माई (Shyama Mai) के नाम से पुकारते हैं। इस मंदिर के निर्माण की कहानी जिसे सुनकर सब हैरान हो जाते हैं। मां काली का यह मंदिर दरभंगा राज परिवार के महान साधक महाराज रामेश्वर सिंह की चिता पर बना है।
जब भी हम किसी शिव मंदिर (Shiv Mandir) जाते हैं तो अक्सर देखते हैं कि कुछ लोग शिवलिंग (Shivling) के...
यदि आपको सूर्य देव (Surya Dev) के दर्शन न हो तो रोज की तरह पूर्व दिशा में मुँह करके किसी...
माँ सिद्धिदात्री के निचले दाहिने हाथ में चक्र और ऊपरी दाहिने हाथ में शंख है। उनके निचले बाएँ हाथ में कमल का फूल है, और ऊपरी बाएँ हाथ में गदा है। उन्हें अक्सर कमल के फूल पर बैठे या शेर की सवारी करते हुए चित्रित किया जाता है, जो शक्ति और निडरता का प्रतीक है।
वैसे तो यह त्योहार लगभग पूरे भारत में मनाया जाता है। लेकिन, मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, और बिहार में मनाया जाता है। यह सिर्फ़ एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव भी है।
ज्योतिष शास्त्र में जहां समस्याएं हैं तो साथ-साथ उनके शत प्रतिशत समाधान भी मौजूद हैं। दांपत्य कलह, सेपरेशन और तलाक...
कहते हैं कि भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की 16,108 पत्नियां थीं। क्या यह सही है? इस संबंध में कई कथाएं प्रचलित हैं और लोगों में इसको लेकर जिज्ञासा भी है। आइए, जानते हैं कि कृष्ण की 16,108 पत्नियां होने के पीछे राज क्या है?
हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु के शालीग्राम स्वरूप और माता तुलसी का...
भगवान के हरिहर स्वरूप का क्या है रहस्य? क्या है भगवान के ‘हरिहर अवतार’ का प्रसंग? शैव और वैष्णवों में आपसी मतभेद मिटाने के लिए भगवान शिव और विष्णु ने किस तरह लीला कर संसार को संदेश दिया कि परमात्मा एक ही है, चाहे किसी भी मार्ग से उसकी उपासना की जाए।
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी की तिथि 17 जून को प्रात: 4 बजकर 43 मिनट से शुरू हो जाएगी और अगले दिन 18 जून को सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून मंगलवार को रखा जाएगा।
अनमोल कुमार सभी देवता भी अपने कार्यों की बिना किसी विघ्न से पूरा करने के लिए गणेश जी (Ganesh ji)...
शरद ऋतु की हवा में एक अलग तरह की महक होती है जो पूरे देश में उत्सवों और समारोहों की...




