शनि का श्याम वर्ण को देखकर सूर्य ने अपनी पत्नी छाया पर यह आरोप लगाया कि शनि मेरा पुत्र नहीं...
पुराणों में भगवान विष्णु के दो रूप बताए गए हैं। एक रूप में तो उन्हें बहुत शांत, प्रसन्न और कोमल...
विष्णु पुराण में वर्णित भगवान शिव के जन्म की कहानी शायद महादेव का एकमात्र बाल रूप वर्णन है। यह कहानी...
हमारे जीवन में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का विशेष प्रभाव माना जाता है। ऐसे में अगर शनि ग्रह जिनका...
सृष्टि के आरंभ में जब देवी सरस्वती प्रकट हुई तब देवी ने अपनी वीणा के स्वर से सृष्टि में ध्वनि को जन्म दिया। लेकिन इस ध्वनि में न तो सुर था और न ही संगीत। सृष्टि के आरंभ से आनंदित शिव जी ने जैसे ही नृत्य आरंभ किया और 14 बार डमरू बजाया तभी उनके डमरू की ध्वनि से व्याकरण और संगीत के धन्द, ताल का जन्म हुआ।
उत्तराखंड (Uttarakhand) के पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जिले में मां चंडिका देवी (Mother Chandika Devi) का मंदिर स्थित है। चंडिका देवी को मां दुर्गा (Maa Durga) का ही रूप माना जाता है। मार्कण्डेय पुराण के दुर्गा माहात्म्य में इनके कृत्यों एवं स्वरूप का वर्णन किया गया है। मां चंडिका को न्याय की देवी भी कहा जाता है।
कहते हैं कि भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की 16,108 पत्नियां थीं। क्या यह सही है? इस संबंध में कई कथाएं प्रचलित हैं और लोगों में इसको लेकर जिज्ञासा भी है। आइए, जानते हैं कि कृष्ण की 16,108 पत्नियां होने के पीछे राज क्या है?
शिव महापुराण (Shiv Mahapuran) के अनुसार त्रिपुंड की तीन रेखाओं में से हर एक में नौ-नौ देवता निवास करते हैं। इसे लगाने से आ सिर्फ आत्मा को परम शांति मिलती है बल्कि सेहत की दृष्टि से भी चमत्कारिक लाभ देती है।
विष्णु पुराण में वर्णित भगवान शिव के जन्म की कहानी शायद महादेव का एकमात्र बाल रूप वर्णन है। यह कहानी...
हमारे जीवन में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का विशेष प्रभाव माना जाता है। ऐसे में अगर शनि ग्रह जिनका...
जो पृथ्वी पर मस्तक रखकर भगवान सूर्य (Bhagwan Surya) को नमस्कार करता है, वह तत्काल सब पापों से छुट जाता...
भगवान शिव की पूजा सदियों से हो रही है लेकिन इस बात को बहुत कम लोग ही जानते हैं कि...

