ॐ का जप करते समय 108 प्रकार की विशेष भेदक ध्वनि तरंगे उत्पन्न होती है, जो किसी भी प्रकार के शारीरिक व मानसिक घातक रोगों के कारण का समूल विनाश व शारीरिक व मानसिक विकास का मूल कारण है।
भगवान परशुराम ने 21 बार धरती को अतातायियो से मुक्त कराया
णेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, एक लोकप्रिय हिंदू त्योहार है जो भगवान गणेश के जन्म का जश्न मनाता है, जो ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के देवता हैं।
यह हिंदू त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और ज्ञान, बुद्धि, संगीत, कला और विद्या की देवी सरस्वती को समर्पित है।
काल भैरव के काशी में स्थापित होने के पीछे एक बहुत ही रोचक पौराणिक कथा है।
इस बार चैत्र नवरात्र पर वर्षों बाद दुर्लभ योग बन रहा है। नवरात्र की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग में हो रही है।
चैत्र के उपरांत आता है वैशाख । वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया कहते हैं । इसे उत्तर भारत में...
माँ सिद्धिदात्री के निचले दाहिने हाथ में चक्र और ऊपरी दाहिने हाथ में शंख है। उनके निचले बाएँ हाथ में कमल का फूल है, और ऊपरी बाएँ हाथ में गदा है। उन्हें अक्सर कमल के फूल पर बैठे या शेर की सवारी करते हुए चित्रित किया जाता है, जो शक्ति और निडरता का प्रतीक है।
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन (Ujjain) में महाकाल (Mahakaal) के बाद हरसिद्धि माता (Harsiddhi Mata) की पूजा की जाती...
शनि देव (Shani Dev) अच्छे कर्म करने वालों के लिए जितने कृपालु हैं, तो वहीं बुरे कर्म करने वालों के लिए उतने ही दंडाधिकारी हैं। रुष्ट हों तो शनि आर्थिक कष्ट देते हैं। जब शनि कुंडली के नीच भाव में हो तो धन हानि होती है।
हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु के शालीग्राम स्वरूप और माता तुलसी का...
अनमोल कुमार सभी देवता भी अपने कार्यों की बिना किसी विघ्न से पूरा करने के लिए गणेश जी (Ganesh ji)...







