राधा जी की भगवान श्रीकृष्ण जी पर अपार भक्ती थी। परंतु आज के काल में अनेक कथा वाचक श्रीकृष्ण और...
आज मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति सिद्धिदात्री की आराधना का दिन हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली...
पूर्वजों की परंपरा, गोत्र, संस्कार, धन-संपदा से जीवन आगे बढ़ता है। उन्हीं पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है पितृपक्ष। भाद्रपद शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि से आश्विन कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि तक पितृपक्ष माना जाता है।
हिंदू धर्मग्रंथों में धन समृद्धि की देवी लक्ष्मी को बताया गया है। इन्हें भगवान विष्णु की पत्नी और आदिशक्ति भी कहा जाता है। आखिर मां लक्ष्मी की पूजा में कमल का पुष्प विशेष रूप से क्यों चढ़ाया जाता है। माता लक्ष्मी की मूर्ति और चित्र में लोगों ने देखा होगा कि देवी लक्ष्मी कमल के पुष्प पर विराजमान रहती है। आज हम जानेंगे कि आखिर क्या कारण है कि माता लक्ष्मी को कमल का पुष्प प्रिय है और वे उन पर विराजित हैं।
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सोलन (Solan) स्थित जटोली शिव मंदिर ((Jatoli Shiva Mandir) भगवान शिव (Lord Shiva) के सबसे...
हमारे देश में ऐसे बहुत से मंदिर स्थापित हैं, जिन सबकी मान्यताएं अलग-अलग है। कई मंदिर ऐसे हैं जो अपने...
काल भैरव के काशी में स्थापित होने के पीछे एक बहुत ही रोचक पौराणिक कथा है।
शनि देव (Shani Dev) अच्छे कर्म करने वालों के लिए जितने कृपालु हैं, तो वहीं बुरे कर्म करने वालों के लिए उतने ही दंडाधिकारी हैं। रुष्ट हों तो शनि आर्थिक कष्ट देते हैं। जब शनि कुंडली के नीच भाव में हो तो धन हानि होती है।
वास्तुशास्त्र के दोष दूर करने के लिहाज से भगवान गणेश की प्रतिमा बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकती है। नए घर...
लक्ष्मण लोकपाल मंदिर (Laxman Lokpal Mandir) उत्तराखंड (Uttarakhand) के गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) के पास (15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। हेमकुंड साहिब के बर्फीले मैदान में लक्ष्मण मंदिर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस जगह पर लक्ष्मण ने अपने भाई श्रीराम के साथ 14 वर्ष वनवास में बिताए थे।
भगवान श्री गणेश का ये मंदिर भारत के दक्षिणी प्रांत आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। इसका निर्माण चोल वंश ने 11 शताब्दी में करवाया था। इसके बाद विजयनगर के शासकों ने वर्ष 1336 में इसका विस्तार किया। मंदिर के बनने की कहानी भी बेहद रोचक है।
सनातन परंपरा में पवनपुत्र हनुमान जी (Hanuman ji) को शक्ति और बल का प्रतीक माना जाता है। कलयुग में हनुमान...

