17 अक्टूबर को मनाई जाने वाली वाल्मीकि जयंती 2024, श्रद्धेय ऋषि और रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि की जयंती का प्रतीक है।
सूर्य और चंद्र इस पृथ्वी के साक्षात देवता हैं जो हमें प्रत्यक्ष स्वरूप में दिखाई देते हैं। वेदों में सूर्य...
राम भक्त हनुमानजी (Hanumanji) की पूंछ में चमत्कारिक असर माना गया है। यही कारण है कि ग्रहों के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए भी उनकी पूंछ की पूजा की जाती है। हनुमान जी को देवी-देवताओं ने कई तरह की शक्तियों का वरदान दिया है। अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता की पूंछ में भी कम ताकत नहीं होती।
श्रीकृष्ण की लीलाओं में हमें उनके ऐश्वर्य के साथ-साथ माधुर्य के भी दर्शन होते हैं। ब्रज की लीलाओं में तो श्रीकृष्ण संसार के साथ बिलकुल बँधे-बँधे से दिखायी पड़ते हैं। उन्हीं लीलाओं में से एक लीला है बालकृष्ण द्वारा अपने पैर का अंगूठे पीने की लीला।
हिंदुओं की आस्था के केंद्र यमुनोत्री धाम स्थान यमुनोत्तरी हिमनद से 5 मील नीचे दो वेगवती जलधाराओं के मध्य एक कठोर शैल पर है। बांदरपूंछ के पश्चिमी छोर के एक संकरे स्थान पर पवित्र यमुनाजी का मंदिर है।
गणेश जी को कभी न करें विदा, क्योंकि विघ्नहरता ही अगर विदा हो गए तुम्हारे विघ्न कौन हरेगा? अधिकतर लोग...
राजस्थान के महालक्ष्मी मंदिर (Mahalaxmi Mandir) में एक अनूठा चमत्कार का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है...
तमिलनाडु के मदुरै में भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) को समर्पित अनोखा कूडल अझगर मंदिर (Koodal Azhagar Mandir) है। आठ हिस्सों में बने हुए इस मंदिर का शिखर ऐसा है, जिसकी परछाई धरती पर नहीं पड़ती। इस मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में है। यह मूर्ति देखने में बहुत ही दिव्य और भव्य लगती है।
पुण्य सलिला सरयू नदी के किनारे स्थापित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर इस बात का द्योतक भी है कि जिस स्थान पर...
जो पृथ्वी पर मस्तक रखकर भगवान सूर्य (Bhagwan Surya) को नमस्कार करता है, वह तत्काल सब पापों से छुट जाता...
आप अपने शरीर को तो रोज ही आराम देते हैं, लेकिन मन और आत्मा को कभी आराम नहीं देते। जिसके...
इस वर्ष रामनवमी के पर्व पर एक साथ कई तरह का दुर्लभ संयोग बन रहा है। राम नवमी पर अमृत सिद्धि योग, गुरु पुष्य योग, शुभ योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं। इसके अलावा रामनवमी गुरुवार के दिन पड़ने से इसका महत्व काफी और भी बढ़ गया है।


